जयपुर। सवाई माधोपुर जिले के बामनवास क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लिवाली में छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने के मामले में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग में इस तरह की घटनाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्री ने जताई नाराजगी
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जैसे ही घटना की जानकारी विभाग को मिली, तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और इससे शिक्षा विभाग की छवि धूमिल होती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क रहेगा।
आरोपी शिक्षिका निलंबित, संविदाकर्मी को किया कार्यमुक्त
घटना के बाद वरिष्ठ अध्यापिका सरस्वती मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय धौलपुर जिले के राजाखेड़ा स्थित सीबीईओ कार्यालय निर्धारित किया गया है। वहीं, विद्यालय में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा, जो प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त थीं, उन्हें भी तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
प्रधानाचार्य की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि घटना को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया और उसे दबाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है तथा उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
क्या है पूरा मामला?
सवाई माधोपुर के बामनवास क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लिवाली में एक शिक्षिका के पैसे गुम होने के बाद छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने का आरोप लगा। घटना की जानकारी मिलने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल में विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी की। इसके बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
