जोधपुर : राजस्थान में अब सीवरेज चैंबरों की जानलेवा सफाई का दौर खत्म होने वाला है। प्रदेश के 35 से अधिक शहरों में अब सीवरेज चैंबरों की सफाई इंसान नहीं, बल्कि अत्याधुनिक ‘बैंडीकूट’ (Bandicoot) रोबोट करेंगे। इससे न केवल सीवर में उतरने वाले कर्मचारियों की जान का खतरा टलेगा, बल्कि सफाई कार्य में भी तेजी आएगी।
कैसे काम करता है ‘बैंडीकूट’ रोबोट?
जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी द्वारा निर्मित यह रोबोट किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसकी कार्यप्रणाली बेहद उन्नत है:
- लाइव मॉनिटरिंग: इसमें 4 एचडी कैमरे लगे हैं, जो सीवरेज के भीतर की स्थिति को बाहर लगे मॉनिटर पर लाइव दिखाते हैं।
- सेंसर और सुरक्षा: रोबोट में लगे सेंसर सीवरेज के भीतर मौजूद जहरीली गैसों (जैसे मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड) की सटीक जानकारी ऑपरेटर को देते हैं।
- AI-बेस्ड तकनीक: इसमें एआई (AI) आधारित लेग और हैंड लगे हैं, जो 30 फीट की गहराई तक जाकर कचरा और भारी-भरकम पत्थर भी बाहर निकाल सकते हैं।
- ऑटोमैटिक डस्टबिन: रोबोट द्वारा बाहर निकाला गया कचरा सीधे ऑटोमैटिक डस्टबिन में जाता है, जिससे किसी भी कर्मचारी का कचरे से सीधा संपर्क नहीं होता।
महज 20-25 मिनट में सफाई
इस रोबोट की दक्षता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 30 से 40 मिनट के भीतर एक पूरे सीवरेज चैंबर को साफ कर देता है। ट्रायल के दौरान जोधपुर में इस रोबोट ने महज 20 मिनट में भारी मात्रा में कचरा बाहर निकाला। रोबोट एक बार में करीब 25 किलो तक वेस्ट बाहर लाने में सक्षम है।
राजस्थान के 35 से अधिक शहरों में होगी तैनाती
फिलहाल राजधानी जयपुर में 3 रोबोट काम कर रहे हैं, जबकि जोधपुर और भीलवाड़ा में इसका ट्रायल चल रहा है। कंपनी के अनुसार, आने वाले समय में पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, बड़ी सादड़ी, सूरतगढ़, करौली, सुमेरपुर, राजसमंद, फतेहनगर, चिड़ावा, नवलगढ़, कुशलगढ़ और नाथद्वारा समेत 35 से अधिक शहरों में इस रोबोट से सफाई कार्य शुरू किया जाएगा। यह कदम प्रदेश की स्वच्छता व्यवस्था में एक नई क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।
