बीकानेर/जयपुर: माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान ने राज्य में चल रहे ‘अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग’ द्वारा करवाए जा रहे सर्वे कार्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि ओबीसी सर्वे में नियुक्त नॉडल अधिकारियों, संदर्भ व्यक्तियों और प्रगणकों को सर्वे कार्य पूरा होने तक कार्यमुक्त (Relieve) न किया जाए।
स्थानांतरण आदेशों के बीच सर्वे कार्य की प्राथमिकता
प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा 19 जून और 3 जुलाई 2026 को जारी आदेशों के तहत शिक्षा विभाग के कार्मिकों के स्थानांतरण में शिथिलन (छूट) प्रदान की गई थी, जिसके चलते वर्तमान में शिक्षकों और विभागीय कर्मियों के बड़ी संख्या में स्थानांतरण आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसी प्रक्रिया के बीच निदेशालय ने यह स्पष्ट किया है कि जिन कार्मिकों की ड्यूटी ओबीसी सर्वे में लगी है, उनकी सर्वे में भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
31 जुलाई तक की समय सीमा
निदेशालय द्वारा जारी स्मरण-पत्र के अनुसार:
- ओबीसी सर्वे कार्य में लगे कार्मिकों को सर्वे कार्य पूर्ण होने तक या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, अपने वर्तमान पदस्थापन स्थल से कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।
- विभाग ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि सर्वे कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
इस आदेश से उन शिक्षकों और कर्मियों को बड़ी राहत मिली है जो हालिया तबादला सूची में शामिल होने के बावजूद सर्वे का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। अब उन्हें अपना सर्वे का कार्य पूरा करने के लिए निश्चित समय मिल सकेगा।
