नागौर/जयपुर। जनता के पीने के पानी की योजना (जल जीवन मिशन) को भी भ्रष्ट अधिकारियों ने अपनी तिजोरियां भरने का जरिया बना लिया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के तीन बड़े अधिकारियों ने एक ठेकेदार का करीब डेढ़ साल से अटका हुआ 25 लाख रुपये का फाइनल बिल पास करने की एवज में कुल 7.85 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांग डाली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने वॉइस रिकॉर्डिंग के पुख्ता सबूतों के आधार पर तीनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रिश्वत का ‘कमीशन कोड’: 2% से लेकर 5 लाख तक की सीधी डिमांड:-
यह पूरा खेल मोती बाबा की ढाणी ग्राम लूणवा सिरसी की जल योजना के फाइनल बिल को क्लियर करने के नाम पर खेला जा रहा था। पीड़ित ठेकेदार बंशीलाल शर्मा (Banshilal Sharma) पिछले डेढ़ साल से दफ्तर के चक्कर काट-काट कर थक चुका था। जब उसने बिल पास करने की गुहार लगाई, तो अधिकारियों ने खुलेआम अपनी ‘फीस’ तय कर दी:

शातिर दिमाग अफसर: 3 बार जाल बिछाकर भी नाकाम रही ACB की टीम:-
जब परेशान ठेकेदार ने सितंबर 2025 में नागौर ACB में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई, तो एएसपी कल्पना सोलंकी की टीम ने फरवरी और मार्च 2026 के बीच इन भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथों (Trap) पकड़ने के लिए एक के बाद एक तीन बड़े जाल बिछाए। लेकिन ये अधिकारी इतने शातिर और सतर्क निकले कि हर बार बच निकले:

डिजिटल जाल में फंसे ‘साहब’, तीन बार की रिकॉर्डिंग बनी अचूक हथियार:-
भले ही अधिकारी जाल में (रंगे हाथों) नहीं फंसे, लेकिन कानून के लंबे हाथों से वे बच नहीं पाए। एसीबी ने रिश्वत की बातचीत को तीन अलग-अलग मौकों पर डिजिटल टेप रिकॉर्डर में हूबहू कैद कर लिया। इन सभी ऑडियो क्लिप की ट्रांसक्रिप्ट तैयार कर ली गई है और पेन ड्राइव को सील कर एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेज दिया गया है। वॉइस रिकॉर्डर में दर्ज यह आवाज ही अब इन घूसखोरों के खिलाफ सबसे पुख्ता और अचूक डिजिटल सबूत बन चुकी है।
मामले में एसीबी का जांच शुरू, इंजीनियर्स पर जल्द होगी कार्रवाई:-
महानिदेशक के निर्देश पर अब अजमेर एसीबी के पुलिस निरीक्षक नरेंद्र सिंह राठौड़ (Narendra Singh Rathore) को इस पूरे संवेदनशील मामले की कमान सौंपी गई है। तीनों लोक सेवकों (AEN शांति देवी, JEN सतवीर उमरिया, और तत्कालीन JEN आशीष मीणा) (AEN Shanti Devi, JEN Satveer Umariya, and the then-JEN Ashish Meena) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुख्ता डिजिटल सबूतों के आधार पर अब इन तीनों की किसी भी वक्त गिरफ्तारी हो सकती है, साथ ही विभाग द्वारा इन्हें सस्पेंड करने और विभागीय जांच की गाज गिरना पूरी तरह तय माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now
