SOG एक्शन: फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट मामले में एक और आरोपी बाड़मेर से अरेस्ट, ₹1 लाख में तय हुई थी डील

जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान में सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़ा करने वाले माफियाओं के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। राजस्थान शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे (Sports Quota) का नाजायज फायदा उठाकर सरकारी नौकरी हथियाने की एक और बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। SOG ने फर्जी ताइक्वांडो स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट मामले में कार्रवाई करते हुए एक और मुख्य आरोपी भभूताराम उर्फ रणजीत को बाड़मेर से गिरफ्तार कर लिया है।

अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को 30 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे इस रैकेट से जुड़े अन्य दलालों और कड़ियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। इस पूरे घोटाले में SOG अब तक कुल 28 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

1 लाख रुपए में हुई थी फर्जी सर्टिफिकेट की ‘डील’

एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी भभूताराम उर्फ रणजीत (पुत्र बिरधाराम विश्नोई), जो बाड़मेर के धनऊ थाना इलाके के लछिये का तला (भूणिया) का रहने वाला है, उसने सरकारी शिक्षक बनने के लिए शॉर्टकट अपनाया था।

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दलाल सतीश डूल के माध्यम से करीब 1 लाख रुपए में नेशनल लेवल ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र (Fake Sports Certificate) का सौदा तय किया था। आरोपी ने करीब तीन साल पहले 15 हजार रुपए एडवांस (नकद) देकर यह फर्जी प्रमाण पत्र हासिल किया और इसे शिक्षक भर्ती की चयन समिति के सामने असली बताकर पेश कर दिया, ताकि खेल कोटे से उसका चयन पक्का हो सके।

38 अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा: फेडरेशन की नकली ईमेल आईडी से भेजा ‘वेरिफिकेशन’

SOG की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया कि शिक्षक भर्ती की ‘दो गुना पात्रता सूची’ (2x Cut-off List) में शामिल करीब 38 अभ्यर्थियों ने नेशनल लेवल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के फर्जी सर्टिफिकेट जमा किए थे।

सरकारी विभाग को धोखा देने के लिए इस शातिर गैंग ने जालसाजी की सारी हदें पार कर दीं। इन्होंने ‘ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद (झारखंड)’ के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने सर्टिफिकेट्स के वेरिफिकेशन के लिए मेल भेजा, तो इन शातिरों ने इसी फर्जी ईमेल आईडी से निदेशालय को ‘सत्यापन रिपोर्ट’ (Fake Verification Report) भेज दी कि ये प्रमाण पत्र बिल्कुल असली हैं। इस संबंध में एसओजी थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना (Forgery) और आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज है।

भाई की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने का भी है आरोप

पकड़ा गया आरोपी भभूताराम कोई नौसिखिया नहीं बल्कि भर्ती परीक्षाओं में जालसाजी का पुराना खिलाड़ी है। SOG के मुताबिक, वह पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में चल रहा था। उस पर आरोप है कि उसने पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 (शारीरिक शिक्षक भर्ती) में अपने सगे छोटे भाई मुकेश कुमार की जगह एक डमी अभ्यर्थी (फर्जी छात्र) को परीक्षा देने के लिए बैठाया था। इस मामले में भी SOG ने उसके खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज कर रखा है।

अब तक 28 गिरफ्तार, दलालों की तलाश जारी

इस बड़े खेल कोटा फर्जीवाड़े में अब तक SOG को बड़ी सफलता मिली है। मामले में नामजद कुल 38 अभ्यर्थियों में से 21 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा:

  • फर्जी ईमेल आईडी तैयार करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड बिमलेन्दु कुमार झा को दबोचा गया है।
  • खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने वाले दलाल कमल सिंह और अन्य सहयोगियों समेत अब तक कुल 28 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

SOG का बयान: “मामले में शामिल शेष अभ्यर्थियों, दलालों और फर्जी खेल संघों से जुड़े लोगों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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