जयपुर। देश में बड़े आतंकी हमलों और धमाकों की साजिश रच रहे एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। शुक्रवार को NIA की अलग-अलग टीमों ने राजस्थान सहित देश के 4 राज्यों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मुख्य रूप से पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने के लिए की जा रही है।
एजेंसी ने केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस के समन्वय से कुल 12 ठिकानों पर दबिश देकर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत जब्त किए हैं।
राजस्थान में NIA का एक्शन: अजमेर और नीमराना में दबिश

राजस्थान में एनआईए ने दो प्रमुख स्थानों—अजमेर और नीमराना (बहरोड़-कोटपूतली जिला)—में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
- अजमेर: यहां वरुण सागर रोड स्थित अंबिका विहार कॉलोनी में NIA की टीम सुबह 5 बजे ही एक रिटायर्ड टीचर के घर पहुंच गई। करीब 9 घंटे (दोपहर 2 बजे तक) चली इस कार्रवाई के बाद टीम ने यहां किराए पर रहने वाले परमेश नाम के एक युवक को हिरासत में लिया। टीम उसे अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई है।
- नीमराना: स्थानीय पुलिस की मदद से की गई कार्रवाई में नीमराना से भी एक युवक को हिरासत में लिया गया है। एनआईए की टीम संदिग्ध को पुलिस थाने ले जाकर कड़ी पूछताछ कर रही है। दोनों स्थानों से भारी मात्रा में संदिग्ध डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
ड्रोन से हथियार और IED भेजने की थी खतरनाक साजिश
खुफिया सूत्रों के अनुसार, एनआईए की जांच में एक बेहद खतरनाक साजिश का खुलासा हुआ है।
- पाकिस्तान में बैठा यह आतंकी नेटवर्क भारत-पाक सीमा पर ड्रोन (Drones) के जरिए हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भारत भेजने की फिराक में था।
- सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता इनपुट मिले थे कि इन हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली सहित देश के कई अन्य प्रमुख हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों और सिलसिलेवार धमाकों के लिए किया जाना था।
4 राज्यों के 12 ठिकानों पर हुई छापेमारी
एनआईए ने इस पूरे नेक्सस को जड़ से खत्म करने के लिए देश भर में 12 जगहों पर एक साथ कार्रवाई की है:
- उत्तर प्रदेश: 5 ठिकाने
- महाराष्ट्र: 3 ठिकाने
- राजस्थान: 2 ठिकाने
- बिहार: 2 ठिकाने
टेरर फंडिंग और फोरेंसिक जांच जारी
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फोरेंसिक जांच (Forensic Analysis) के लिए भेज दिया गया है।

इसके साथ ही एनआईए की टीमें पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े भारतीय स्लीपर सेल और इस मॉड्यूल को मिल रही ‘टेरर फंडिंग’ के एंगल की भी गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों का दावा है कि एजेंसी जल्द ही इस पूरी आतंकी साजिश को लेकर कुछ और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे कर सकती है।
