बीकानेर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने महत्वपूर्ण दौरे पर सोमवार रात बीकानेर पहुंच गए हैं। वे आज (मंगलवार) को बीकानेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से महत्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ (Vibrant Village Program-2) की शुरुआत करेंगे। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास कर वहां की तस्वीर बदलना है।
सादगी और न्यूनतम प्रोटोकॉल की दिखी झलक
गृह मंत्री अमित शाह सोमवार रात करीब 10.30 बजे विशेष विमान से नाल एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे। नाल एयरफोर्स स्टेशन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनकी भावभीनी अगवानी की।
इस हाई-प्रोफाइल दौरे की सबसे खास बात यह रही कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सादगी और न्यूनतम वीवीआईपी (VVIP) कल्चर के संदेश की स्पष्ट झलक देखने को मिली। गृह मंत्री के आगमन पर कोई भारी-भरकम वीवीआईपी काफिला नजर नहीं आया और वे एयरपोर्ट से सीधे बीएसएफ (BSF) मुख्यालय के लिए रवाना हो गए।

भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अमले ने किया स्वागत
नाल एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ सहित कई स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव, डीजीपी, संभागीय आयुक्त, आईजी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी गृह मंत्री की अगवानी की।
आज सांचू पोस्ट जाएंगे गृह मंत्री
अपने दौरे के अगले चरण में अमित शाह मंगलवार को ऐतिहासिक सांचू पोस्ट (Sanchu Post) के लिए रवाना होंगे। यहां वे:
- सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सेना के जवानों के साथ सीधा संवाद करेंगे।
- वॉच टावर से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित पाकिस्तान बॉर्डर का जायजा लेंगे।
इतिहास का गवाह है सांचू बॉर्डर
सांचू सीमा चौकी न केवल सुरक्षा बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। वर्ष 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से अहम रहा था। 1965 के युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इस चौकी को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराया था। यहां बना संग्रहालय आज भी वीर सैनिकों की शौर्यगाथा को संजोए हुए है।

क्या है वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2?
केंद्रीय गृह मंत्री आज जिस ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ की शुरुआत करने जा रहे हैं, वह सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
- शामिल गांव: इसके तहत राजस्थान के कुल 184 सीमावर्ती गांवों (श्रीगंगानगर, बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर जिले) को शामिल किया गया है।
- विकास का खाका: इन गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़क संपर्क, 4G नेटवर्क, टेलीविजन कनेक्टिविटी और 24 घंटे विद्युत जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा। इससे पलायन रुकेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।