जयपुर: शहर के बड़े और प्रतिष्ठित स्कूलों के बाहर छुट्टी के समय लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से आम जनता और अभिभावकों को राहत दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और व्यावहारिक कदम उठाया है। एक सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब गर्मी की छुट्टियों (समर वेकेशन) के बाद शहर के कई बड़े स्कूलों में इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने की तैयारी कर ली गई है। इसके तहत स्कूलों की छुट्टी की टाइमिंग अलग-अलग होगी और बच्चों का पिकअप मुख्य सड़क के बजाय स्कूल कैंपस के भीतर से किया जाएगा।
पिछले दिनों सफल रहा नया प्रयोग
जयपुर की यातायात पुलिस ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत टोंक रोड स्थित एक बड़े नामी स्कूल से प्रायोगिक तौर पर की थी। इसके तहत छुट्टी के समय अभिभावकों की गाड़ियों को मुख्य सड़क पर पार्क करने या खड़ी करने के बजाय सीधे स्कूल परिसर के अंदर प्रवेश दिया गया, ताकि वे अंदर से ही बच्चों को सुरक्षित पिक कर सकें।
इस प्रयोग के दौरान मुख्य सड़क पूरी तरह खाली रही और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही। यातायात को पूरी तरह सुचारू बनाए रखने के लिए स्कूल के अंदर और बाहर विशेष ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। वर्तमान में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण स्कूल बंद हैं, लेकिन स्कूल दोबारा खुलने पर इस व्यवस्था को पूरी तरह से और बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा।
समर वेकेशन के बाद लागू होंगी ये दो मुख्य व्यवस्थाएं
यातायात पुलिस और प्रबंधन मिलकर आने वाले सत्र में दो बड़े बदलावों पर काम कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर लोड बेहद कम हो जाएगा:
- कैंपस के अंदर से पिकअप व्यवस्था: इस नियम के तहत अभिभावक अपने वाहनों को मुख्य सड़क पर बेतरतीब खड़ा करने के बजाय सीधे स्कूल के अंदर ले जाएंगे। इससे मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी और वाहन रेंगने के बजाय सामान्य गति से चल सकेंगे। साथ ही इससे बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
- अलग-अलग समय पर छुट्टी (टाइम गैप): सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ नहीं छोड़कर, छोटे बच्चों और बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों की छुट्टी में 10 से 15 मिनट का अंतर (टाइम गैप) रखा जाएगा। ऐसा करने से सड़क पर एक साथ आने वाले वाहनों और लोगों की भीड़ को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकेगा।
शहर के कई अन्य बड़े स्कूल भी किए गए चिह्नित
पायलट प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद, अब ट्रैफिक पुलिस इसे अगले चरण में शहर के अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थानों में भी लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए पुलिस ने उन बड़े स्कूलों को चिह्नित किया है, जहां छुट्टी के वक्त सबसे ज्यादा जाम की स्थिति बनती है।
इन क्षेत्रों के स्कूलों में लागू होगी व्यवस्था
ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने और स्कूल पुनः खुलने के बाद इस नई व्यवस्था को शहर के प्रमुख विद्याश्रम, सी-स्कीम स्थित नामी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और मालवीय नगर व मानसरोवर क्षेत्र के अन्य चिन्हित स्कूलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि जयपुर के शहरवासियों को ट्रैफिक जाम की रोज-रोज की किल्लत से पूरी तरह मुक्ति मिल सके।
क्यों जरूरी था यह कदम?
दरअसल, छुट्टी के समय स्कूलों के सामने मुख्य सड़कों पर सैकड़ों गाड़ियां और ऑटो बेतरतीब तरीके से खड़े हो जाते थे। इसके कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था और यू-टर्न पूरी तरह ब्लॉक हो जाते थे। हजारों बच्चों के एक साथ बाहर निकलने से पूरी यातायात व्यवस्था पंगु हो जाती थी। इसी गंभीर समस्या को स्थायी रूप से सुधारने के लिए इस नए और अनूठे मॉडल को अपनाया गया है।