जयपुर। राजस्थान पुलिस की सीआईडी क्राइम ब्रांच (CID Crime Branch) की स्पेशल टीम ने वांछित और आदतन अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अलवर शहर में हुए एक जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के मामले में पिछले 9 महीने से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी अभयराज उर्फ ‘दानव’ को जयपुर के राजापार्क इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस शातिर बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन दानव’ (Operation Danav) चलाया था।
क्या था अलवर का वह खौफनाक घटनाक्रम?
यह मामला 30 अगस्त 2023 की रात करीब 10:30 बजे का है। परिवादी हरनेक सिंह उर्फ पप्पी और उसका चचेरा भाई प्रदीप सिंह उर्फ मांगली मोटरसाइकिल से नंगली सर्किल से त्रिपोलिया मंदिर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में पुरानी रंजिश के चलते आरोपी अभयराज और उसके साथी अप्पू राजा ने उन्हें मोटरसाइकिल से टक्कर मारकर गिराने की कोशिश की।
अपनी जान बचाने के लिए जब प्रदीप सिंह पुरुषार्थी धर्मशाला की तरफ भागा, तो वहां पहले से ही हथियारों से लैस प्रवीण गुर्जर, केतन मीणा, अनुराग मीणा, राज यादव व अन्य बदमाशों ने उसे घेर लिया और जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसी दौरान मुख्य आरोपी अभयराज ने पीछे से आकर तलवार से प्रदीप के सिर पर सीधा वार किया। पीड़ित ने जब वार को हाथ से रोकने की कोशिश की तो उसके हाथ में गंभीर फ्रैक्चर और गहरी चोटें आईं। बदमाश उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए थे। बाद में घायल को अलवर के सोलंकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस जघन्य वारदात के बाद से ही अभयराज फरार था और अलवर एसपी ने उस पर 10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया था।
यूपी, उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक बदली लोकेशन
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन और उप महानिरीक्षक पुलिस (DIG) राशि डोगरा डूडी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा अग्रवाल के सुपरविजन में उप निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसे ‘ऑपरेशन दानव’ नाम दिया गया।
वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए यह शातिर अपराधी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र बस्सी में लगातार ठिकाने बदल-बदल कर फरारी काट रहा था। सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम पिछले एक महीने से आरोपी के इन सभी संभावित ठिकानों और उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही थी। टीम ने करीब 500 किलोमीटर तक उसका पीछा किया।
तकनीकी इनपुट और जयपुर के राजापार्क से गिरफ्तारी
फरारी के दौरान टीम के सदस्यों को तकनीकी विश्लेषण और हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल शर्मा व अरुण कुमार शर्मा के जरिए एक पुख्ता इनपुट मिला कि आरोपी अभयराज उर्फ दानव अपनी पहचान छिपाकर जयपुर के राजा पार्क इलाके में रुका हुआ है। इस सटीक सूचना पर सीआईडी (सीबी) की टीम ने बिना वक्त गंवाए तत्काल घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। गहन पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे अलवर शहर के कोतवाली थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
मर्डर और फायरिंग: 2019 से अपराध की दुनिया में है ‘दानव’
गिरफ्तार आरोपी अभयराज उर्फ दानव (निवासी दहमी, थाना बहरोड) का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद संगीन है।
- साल 2019: अलवर शहर के कोतवाली और अरावली विहार थाने में इसके खिलाफ अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) और गंभीर मारपीट के अलग-अलग प्रकरण दर्ज हुए थे।
- साल 2020: झुंझुनू जिले के खेतड़ी थाना क्षेत्र में एक लीज विवाद को लेकर हुए भयंकर पथराव और अंधाधुंध फायरिंग में एक 30 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई थी। अभयराज इस सनसनीखेज हत्याकांड का भी मुख्य आरोपी रहा है।
ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम: उपनिरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल शर्मा और अरुण कुमार शर्मा की विशेष भूमिका रही। इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल राम अवतार मीना और करणी सिंह की अहम तकनीकी भूमिका रही। वहीं, टीम के अन्य सदस्यों—सहायक उप निरीक्षक दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह, शाहिद अली, बृजेश शर्मा, कुलदीप सिंह, कांस्टेबल सोहनदेव, नरेश कुमार व संजय कुमार का भी इस धरपकड़ में सराहनीय योगदान रहा।