परिवहन सेवा का हाईटेक अवतार: 1567 नई बसों के साथ दिसंबर तक बदलेगी सफर की तस्वीर

राज्य परिवहन सेवा प्रशासन अपने बेड़े को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत इस साल के अंत तक बेड़े में कुल 1567 नई बसें शामिल की जाएंगी। प्रशासन का मुख्य फोकस पुरानी और जर्जर बसों को हटाकर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और राजस्व में हो रही लीकेज को रोककर आर्थिक स्थिति को सुधारना है। वित्त वर्ष 2026-27 के रोडमैप के अनुसार, प्रशासन 500 नई बसों की सीधी खरीद कर रहा है, जिनमें से 144 एक्सप्रेस बसें इसी महीने के अंत तक बेड़े का हिस्सा बन जाएंगी। इनमें पहली बार 36 स्लीपर बर्थ वाली आधुनिक एसी बसें भी शामिल की जा रही हैं, जो निजी बस संचालकों से प्रतिस्पर्धा करने में सहायक होंगी।

पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी अपग्रेडेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रशासन पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसें (EV) भी संचालित करने जा रहा है। इन बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और मंजूरी मिलते ही इन्हें दिल्ली-एनसीआर, अलवर, भरतपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे प्रमुख रूटों के साथ-साथ अहमदाबाद और लखनऊ जैसे अंतरराज्यीय मार्गों पर भी चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बेड़े को विस्तार देने के लिए जीसीसी (GCC) मॉडल के तहत 767 बसें अनुबंध पर ली जा रही हैं, जिनकी टेंडर प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाएगी। इस अनुबंध में एक्सप्रेस, स्टार लाइन और एसी स्लीपर श्रेणियों की विभिन्न बसें शामिल हैं। नई बसों के आने से न केवल यात्रियों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि डीजल औसत में सुधार से विभाग को घाटे से उबारने में भी मदद मिलेगी।

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