राजस्थान इस समय मौसम के दो बेहद अलग और विनाशकारी रूपों का सामना कर रहा है। जहां प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) की आग में तप रहा है, वहीं पूर्वी और मध्य राजस्थान में अचानक आए अंधड़ और बारिश ने तबाही मचाई है। बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने पलटी मारी है। नागौर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में दोपहर बाद आसमान में धूल का गुबार छा गया और तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में आंशिक गिरावट तो आई लेकिन जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम के इस बदले मिजाज के बीच बूंदी जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। शुक्रवार को जिले में आए एक शक्तिशाली बवंडर ने एक व्यक्ति की जान ले ली। कोली मोहल्ला निवासी 55 वर्षीय केसरीलाल महावर अपने घर की दूसरी मंजिल पर लगे टिनशेड को तेज हवा से बचाने के लिए उसे संभालने गए थे। इसी दौरान हवा का वेग इतना तीव्र था कि वह टिनशेड के साथ ही करीब 80 फीट दूर हवा में उड़ गए। अनियंत्रित होकर केसरीलाल पास ही स्थित एक मोबाइल टावर से जा टकराए और नीचे गिर पड़े, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
तापमान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में सूर्यदेव का रौद्र रूप जारी है। शुक्रवार को फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बाड़मेर में पारा 44.6 डिग्री, जैसलमेर में 44 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 43.4 डिग्री और जोधपुर में 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तपती धूप और गर्म थपेड़ों (लू) ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। सीमावर्ती जिलों में दोपहर के समय सड़कें पूरी तरह से सुनसान नजर आ रही हैं।
मौसम केंद्र जयपुर ने शनिवार के लिए राज्य में ‘दोहरी चेतावनी’ जारी की है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर जिलों में लू (Heatwave) का प्रकोप बना रहेगा, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर जिलों में धूलभरी आंधी चलने और हल्की बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने आमजन को भीषण गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतने और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
