4 साल से कोर्ट केसों में फंसी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती, परिणाम के बाद भी नियुक्तियां अटकीं

आरपीएससी (RPSC) असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 4 साल से कोर्ट केसों में उलझी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 27 नवंबर 2021 को असिस्टेंट प्रोफेसर के 337 पदों पर भर्ती निकाली थी। इसमें 24 ब्रॉड और 19 सुपर स्पेशियलिटी के पद शामिल थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू से ही कोर्ट केसों में उलझ गई। नतीजा यह रहा कि मई 2022 में परीक्षा और नवंबर 2024 में परिणाम आने के बाद भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है।

चयन प्रक्रिया में बदलाव बना विवाद की जड़

भर्ती विज्ञापन में चयन प्रक्रिया साक्षात्कार से बताई गई थी और यह भी कहा गया था कि आवेदन ज्यादा आए तो लिखित परीक्षा कराई जाएगी। इससे पहले वर्ष 2020 की भर्ती में आयोग ने लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और शैक्षणिक योग्यता का वेटेज 40:40:20 तय किया था।

वर्ष 2021 की भर्ती में चयन प्रक्रिया के प्रावधानों में बदलाव का मामला कोर्ट पहुंच गया। इस बीच सरकार ने 23 मई 2022 को नियमों में संशोधन कर लिखित परीक्षा को 90 अंक और साक्षात्कार को 10 अंक का कर दिया। कई अभ्यर्थियों ने मांग की कि संशोधित प्रक्रिया 2021 की भर्ती पर भी लागू की जाए। इसी को लेकर मामला कोर्ट में चला गया।

मेडिकल कॉलेजों और अभ्यर्थियों पर सीधा असर

इसका सीधा असर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर पड़ रहा है। कॉलेज पहले से विशेषज्ञ डॉक्टरों और फैकल्टी की कमी से जूझ रहे हैं। नियुक्ति अटकने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, भर्ती लंबी खिंचने के कारण कई अभ्यर्थियों के ओवरएज होने की स्थिति बन रही है।

रिक्त पदों का गणित:

  • कुल स्वीकृत पद: 5991
  • भरे हुए पद: 3444
  • रिक्त पद: 2547

भर्ती का घटनाक्रम:

  • नवंबर 2021: भर्ती विज्ञापन जारी
  • मई 2022: लिखित परीक्षा का आयोजन
  • नवंबर 2024: परीक्षा परिणाम घोषित
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