जयपुर ACB की बड़ी कार्रवाई: भाई का नाम केस से हटाने के लिए रिश्वत मांगने वाला हेड कांस्टेबल और वकील फंसे, मामला दर्ज

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायकपुरी थाने के एक हेड कांस्टेबल और एक निजी अधिवक्ता (वकील) के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने एक ट्रांसपोर्टर के भाई का नाम पुलिस केस से हटाने और चार्जशीट में राहत देने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता सुनील कुमार शर्मा, जो ट्रांसपोर्ट का कार्य करते हैं, ने ACB में रिपोर्ट दी थी कि उनका एक ट्रक विधायकपुरी थाने में धारा 185 (MV Act) के तहत बंद किया गया था। जानकारी के अभाव में ड्राइवर ट्रक को वहां से ले गया, जिसके बाद पुलिस ने सुनील और उनके भाई अनिल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

5 लाख से 25 हजार तक पहुंची ‘डील’ मुकदमे की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल राजकरण ने सुनील के भाई का नाम केस से हटाने और उसे गिरफ्तार न करने के बदले शुरुआत में 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में आरोपी वकील सनातन सोनी के माध्यम से यह सौदा 30,000 रुपये में तय हुआ, जिसे अंततः 25,000 रुपये पर फाइनल किया गया।

ACB सत्यापन में खुली पोल ACB ने 22 दिसंबर 2025 को शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड की गई बातचीत में वकील सनातन सोनी ने हेड कांस्टेबल राजकरण के लिए रिश्वत की मांग की और राजकरण ने भी फोन पर इसकी पुष्टि की। ब्यूरो ने अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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