सवाई माधोपुर @263: अमरूद महोत्सव का ऐतिहासिक समापन, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने की ‘अमरूद उत्कृष्टता केंद्र’ की घोषणा

सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर शहर के 263वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित देश के पहले ‘अमरूद महोत्सव’ और दो दिवसीय कृषि तकनीक मेले का सोमवार को भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जिले के किसानों के लिए सौगातों का पिटारा खोलते हुए सवाई माधोपुर में ‘अमरूद उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence for Guava) स्थापित करने की बड़ी घोषणा की।

किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सवाई माधोपुर प्रदेश में अमरूद का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन प्रसंस्करण (Processing) और जानकारी के अभाव में किसानों को सही मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा:

“अब समय आ गया है कि किसान केवल अमरूद न बेचें, बल्कि उससे बने ज्यूस, पल्प, जैम, टॉफी और अचार जैसे उत्पाद बाजार में उतारें। इसके लिए सरकार जिले में अमरूद उत्कृष्टता केंद्र और जैविक बीज प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध कराएगी।”

25 हजार से अधिक लोगों ने दर्ज की उपस्थिति

दो दिवसीय कृषि तकनीक मेले में 25 हजार से अधिक किसानों, स्कूली बच्चों और आमजन ने शिरकत की। कृषि वैज्ञानिकों ने ‘लैब टू लैंड’ संकल्प के तहत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई (Drip Irrigation), अमरूद की ग्रेडिंग और नई मशीनों के उपयोग के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी।

विजेता किसान और नर्सरियां सम्मानित

महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को डॉ. मीणा ने पुरस्कृत किया:

  • नर्सरी प्रतियोगिता: गुजरात की जारवी नर्सरी को प्रथम स्थान मिला।
  • तकनीकी प्रदर्शन: ड्रिप सिस्टम के लिए शैलेन्द्र सिंह राठी और सौर ऊर्जा के लिए चंद्रवीर सिंह को 11-11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
  • फल एवं फूल प्रदर्शनी: सूरवाल के नंदलाल मीणा और करमोदा के राजमल मीणा सहित दर्जनों प्रगतिशील किसानों को अलग-अलग किस्मों के लिए पुरस्कृत किया गया।

प्रशासन का पूरा सहयोग: जिला कलेक्टर

जिला कलेक्टर काना राम ने आश्वस्त किया कि मेले में प्रदर्शित नवाचारों को जिला प्रशासन धरातल पर उतारने में किसानों का पूरा सहयोग करेगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


अमरूद महोत्सव की मुख्य बातें:

  1. उत्कृष्टता केंद्र: फूल उत्कृष्टता केंद्र की तर्ज पर अब अमरूद के लिए भी विशेष केंद्र बनेगा।
  2. जैविक खेती: जैविक बीज प्रमाणीकरण की सुविधा जिले में ही मिलेगी।
  3. वैल्यू एडिशन: अमरूद से बने प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बनाई जाएगी।
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