RGHS योजना में भ्रष्टाचार पर बड़ी स्ट्राइक: 4 फार्मा स्टोर्स पर FIR, 14 कार्मिक निलंबित और 19 पर कार्रवाई के आदेश

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में आरजीएचएस (RGHS) योजना में बड़ी कार्रवाई की गई है। योजना में अनियमितता और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए विभाग ने पिछले एक सप्ताह में 6 फार्मा स्टोर्स और दर्जनों कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए हैं।

फार्मा स्टोर्स पर शिकंजा: बिना दवा बेचे उठाया भुगतान

चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्ती बरतते हुए विभाग ने निम्नलिखित कार्रवाई की है।

  • FIR और लाइसेंस निरस्त: भीलवाड़ा के हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर और सावरिया फार्मा स्टोर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। इन स्टोर्स ने उन दवाओं और इंजेक्शनों का फर्जी बिल बनाकर 27 लाख रुपये का भुगतान उठाया, जो उन्होंने कभी खरीदे ही नहीं थे।
  • दस्तावेजों में हेराफेरी: नागौर के कॉन्फेड फार्मा स्टोर (रेन एवं जायल) के विरुद्ध पर्चियों में छेड़छाड़ कर गलत भुगतान उठाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
  • निलंबन: बीकानेर के कॉन्फेड शॉप नं. 06 और हनुमानगढ़ की शॉप नं. 05 को योजना से निलंबित कर दिया गया है।

कार्मिकों और लाभार्थियों पर भी गिरी गाज

राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, कार्ड के दुरुपयोग के मामलों में भी सख्त रुख अपनाया गया है:

  • 14 कार्मिक निलंबित: हालिया कार्रवाई में पुलिस विभाग के 4 और आयुर्वेद विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया गया है।
  • 19 पर विभागीय कार्रवाई: कार्ड का अनुचित लाभ लेने वाले 19 लाभार्थियों के विरुद्ध रिकवरी और विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखे गए हैं।
  • पूर्व की कार्रवाई: योजना में गबन के मामलों में अब तक कुल 54 कार्मिकों को निलंबित किया जा चुका है।

तकनीकी नवाचार से बढ़ेगी पारदर्शिता

प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट किया कि योजना को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी नवाचार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या फर्जी बिलिंग पर अंकुश लगाया जा सके।

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