नई दिल्ली/जयपुर: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बुधवार, 18 फरवरी 2026 को देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर 16 मार्च 2026 को मतदान होगा। हालांकि, इस सूची में फिलहाल राजस्थान का नाम शामिल नहीं है, लेकिन मरुधरा की सियासत में हलचल तेज हो गई है क्योंकि प्रदेश की 3 सीटों के लिए भी ‘उल्टी गिनती’ (Countdown) शुरू हो चुकी है।
चुनाव का पूरा शेड्यूल: महत्वपूर्ण तारीखें
निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव की प्रक्रिया फरवरी के अंत से शुरू होकर मार्च के मध्य तक चलेगी:
| चरण | तारीख (2026) |
| अधिसूचना (Notification) जारी होना | 26 फरवरी |
| नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि | 05 मार्च |
| नामांकनों की जांच (Scrutiny) | 06 मार्च |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 09 मार्च |
| मतदान (Polling) | 16 मार्च (सुबह 9 से शाम 4 बजे) |
| मतगणना (Counting) | 16 मार्च (शाम 5 बजे से) |
किन राज्यों में होने जा रहे हैं चुनाव?
इस चरण में कुल 37 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- महाराष्ट्र: 07 सीटें
- तमिलनाडु: 06 सीटें
- पश्चिम बंगाल और बिहार: 05-5 सीटें
- ओडिशा: 04 सीटें
- असम: 03 सीटें
- छत्तीसगढ़, हरियाणा और तेलंगाना: 02-2 सीटें
- हिमाचल प्रदेश: 01 सीट
राजस्थान की बारी कब? जून में खाली होंगी 3 सीटें
भले ही वर्तमान शेड्यूल में राजस्थान शामिल नहीं है, लेकिन राज्य से राज्यसभा के 3 सांसदों का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के मुताबिक, कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराना अनिवार्य है, ऐसे में संभावना है कि अप्रैल या मई में राजस्थान के लिए अलग से चुनावी अधिसूचना जारी हो।
रिटायर होने वाले सांसद:
- नीरज डांगी (कांग्रेस): दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता।
- राजेंद्र गहलोत (भाजपा): मारवाड़ के दिग्गज भाजपा नेता।
- रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा): उपचुनाव के जरिए सदन पहुंचे बिट्टू का कार्यकाल भी जून में खत्म हो रहा है।
सियासी समीकरण: राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। ऐसे में जून में होने वाले चुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। 10 सीटों वाले राजस्थान कोटे में वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस के पास 5-5 सीटें हैं, लेकिन आगामी चुनावों के बाद यह समीकरण बदल सकता है।
क्यों अहम हैं ये चुनाव?
राज्यसभा चुनाव के नतीजे ऊपरी सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष की ताकत तय करते हैं। राजस्थान की रिक्त होने वाली 3 सीटों में से 2 पर वर्तमान में भाजपा और 1 पर कांग्रेस का कब्जा है। भाजपा की कोशिश अपनी सीटें बरकरार रखते हुए कांग्रेस की सीट पर भी सेंध लगाने की होगी, जबकि कांग्रेस अपनी एकमात्र सीट बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएगी।
