विधानसभा में भाषा पर टोक-टाक: “आधा हिंदी-आधा इंग्लिश नहीं चलेगा”, रविंद्र सिंह भाटी ने सदन में मंत्री को घेरा

जयपुर, राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में आज उस समय रोचक स्थिति पैदा हो गई जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा को भाषा के मुद्दे पर टोक दिया। भाटी ने सदन में मर्यादा और भाषा की शुद्धता का हवाला देते हुए कहा कि प्रश्नों के उत्तर पूरी तरह हिंदी में ही दिए जाने चाहिए।

भाषा पर आपत्ति: “आधा जवाब अंग्रेजी में क्यों?”

प्रश्नकाल के दौरान बाड़मेर में ‘गिव अप अभियान’ (Give Up Campaign) को लेकर चर्चा चल रही थी। मंत्री सुमित गोदारा के जवाब के बाद विधायक भाटी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके सवाल का आधा जवाब हिंदी और आधा अंग्रेजी के शब्दों (मिश्रित भाषा) में दिया गया है। भाटी ने जोर देकर कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुसार जवाब की स्पष्टता के लिए इसे राजभाषा हिंदी में ही दिया जाना चाहिए।


बाड़मेर में एनएफएसए (NFSA) और गिव अप अभियान के आंकड़े

विधायक भाटी ने बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों के सर्वे और स्वेच्छा से योजना छोड़ने वालों को लेकर तीखे सवाल पूछे।

  • जबरन हटाने का आरोप: भाटी ने पूछा कि कितने परिवारों को जबरदस्ती योजना से बाहर किया गया।
  • मंत्री का जवाब: मंत्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया कि बाड़मेर में किसी को भी जबरन बाहर नहीं किया गया है। जिले में कुल 1,56,654 परिवारों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी है।
  • शिव विधानसभा क्षेत्र की स्थिति: अकेले शिव क्षेत्र में 43,082 लोगों ने गिव अप किया है।
  • लंबित आवेदन: वर्तमान में शिव क्षेत्र में 1425 और पूरे बाड़मेर जिले में 4997 आवेदन लंबित हैं।

गेहूं की गुणवत्ता और सिलेंडर सब्सिडी पर चर्चा

भाटी ने राशन के गेहूं की क्वालिटी (गुणवत्ता) और क्वांटिटी (मात्रा) का मुद्दा भी उठाया।

  • राशन वितरण: मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं दिया जा रहा है और उसकी गुणवत्ता मानक स्तर की है।
  • गैस सब्सिडी: सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री संकल्प पत्र के तहत पात्र लाभार्थियों को 450 रुपये में 12 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मंत्री गोदारा ने सदन को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री का ध्येय है कि प्रदेश का कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।

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