राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर के MNIT परिसर में चल रहे तीन दिवसीय राजस्थान विज्ञान महोत्सव-2026 का शनिवार को उत्साहपूर्ण समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन का विशेष आकर्षण “विकसित भारत@2047 मार्च” रहा, जिसमें विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में छात्राओं और शोधार्थियों ने इस मार्च में भाग लेकर वैज्ञानिक नवाचारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समापन सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के शासन सचिव वे. सरवण कुमार ने मेधावी प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए कहा कि युवाओं का वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही विकसित राष्ट्र की नींव रखेगा।
रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ता महिला नेतृत्व

महोत्सव के दौरान आयोजित विशेष सत्रों ने प्रतिभागियों को गहरे वैज्ञानिक शोधों से परिचित कराया। डीआरडीओ (DRDO) के स्ट्रैटेजिक लैब निदेशक डॉ. महेश राजपुरोहित ने “रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्र में महिलाओं का नेतृत्व” विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि आज देश की सुरक्षा और अंतरिक्ष अन्वेषण के उन्नत क्षेत्रों में महिलाएं निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। इसके साथ ही जी.एस. मनारिया ने “रमन स्पेक्ट्रम” के माध्यम से ‘रमन प्रभाव’ के व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान के रहस्यों को समझने में मदद मिली।
प्रतिभाओं का सम्मान और नवाचार को प्रोत्साहन
महोत्सव के समापन पर विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसमें चित्रकला, क्विज, और डीएनए एक्सट्रैक्शन जैसी चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिताओं के विजेता शामिल रहे। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि आज के दौर में उद्यमिता (Entrepreneurship) केवल लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान के जरिए सामाजिक समस्याओं का समाधान खोजना ही असली सफलता है।
विजेता श्रेणियां और गतिविधियां: एक नज़र में (Table)
| गतिविधि/प्रतियोगिता | मुख्य आकर्षण | उद्देश्य |
| विकसित भारत@2047 मार्च | महिला वैज्ञानिकों की भागीदारी | नारी शक्ति को प्रोत्साहन |
| डीएनए एक्सट्रैक्शन चैलेंज | व्यावहारिक जीव विज्ञान | प्रयोगात्मक कौशल विकास |
| स्टार्ट-अप आइडिया पुरस्कार | नवीन तकनीकी विचार | उद्यमिता को बढ़ावा |
| रमन स्पेक्ट्रम व्याख्यान | वैज्ञानिक रमन प्रभाव | रमन प्रभाव की समझ |
| रक्षा एवं अंतरिक्ष सत्र | DRDO विशेषज्ञों का संवाद | राष्ट्रीय सुरक्षा में विज्ञान |
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य की राह
समारोह में राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु श्रीमती अल्पना कटेजा और पद्मश्री आशुतोष शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। वक्ताओं ने युवाओं से वैज्ञानिक सोच विकसित करने और नवाचार की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। तीन दिवसीय इस महोत्सव ने न केवल विद्यार्थियों बल्कि आम नागरिकों में भी विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
