राजस्थान में यूरिया का संकट खत्म: प्रदेश में 1.19 लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध, मेवाड़-वागड़ में मांग से अधिक आपूर्ति

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और कृषि विभाग की सक्रियता के चलते राजस्थान में यूरिया की आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय बनाकर रबी सीजन के लिए उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।

यूरिया उपलब्धता के प्रमुख आंकड़े

कृषि मंत्री के अनुसार, वर्तमान में राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। विभाग की प्रभावी मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं:

  • कुल उपलब्धता: चालू रबी सीजन (अक्टूबर से दिसंबर) में 11.34 लाख मीट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 14.10 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है।
  • वर्तमान स्टॉक: प्रदेश के पास अभी 1.19 लाख मीट्रिक टन यूरिया का बफर स्टॉक सुरक्षित है।

मेवाड़ और वागड़ में रिकॉर्ड आपूर्ति

विशेष रूप से मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में मांग की तुलना में कहीं अधिक खाद पहुँचाई गई है, जिससे किसानों को राहत मिली है:

जिलामांग (मी. टन)आपूर्ति (मी. टन)मांग से अधिक (%)वर्तमान स्टॉक
बांसवाड़ा31,90042,76334%4,589 मी. टन
उदयपुर21,00028,33235%2,169 मी. टन
राजसमंद6,6009,22240%810 मी. टन
चित्तौड़गढ़43,70055,97628%4,888 मी. टन
डूंगरपुर6,7008,06520%432 मी. टन
भीलवाड़ा31,20037,97722%4,191 मी. टन

कालाबाजारी के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’

डॉ. किरोड़ी लाल ने स्पष्ट किया कि यूरिया की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और यूरिया डाइवर्जन (औद्योगिक उपयोग) को रोकने के लिए विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। विभाग के अधिकारी प्रदेशभर में सतर्क हैं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राथमिकता और पूरी पारदर्शिता के साथ खाद का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

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