जून तक 300 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी, खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने विधानसभा में दी जानकारी

जयपुर: राजस्थान सरकार प्रदेश के मेधावी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘आउट ऑफ टर्न’ (बिना पारी) नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी ला रही है। युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार आगामी जून माह तक 300 खिलाड़ियों को राजकीय सेवाओं में नियुक्ति देने का प्रयास कर रही है।

दो वर्षों में 186 खिलाड़ियों को मिली नियुक्ति

खेल मंत्री ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि वर्तमान सरकार ने अपने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में अब तक 186 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां प्रदान की हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की तुलना करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 248 खिलाड़ियों को ही नियुक्तियां दी थीं। गौरतलब है कि अप्रैल 2021 से अब तक विभिन्न श्रेणियों में कुल 269 खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति दी जा चुकी है।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया: नहीं होगी कोई लिखित परीक्षा

कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि पदक विजेता खिलाड़ियों की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं है। चयन के लिए एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है:

  • खिलाड़ियों के पास संबंधित खेल प्रतियोगिताओं के वैध प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।
  • इन प्रमाण-पत्रों का सत्यापन संबंधित खेल संघों के माध्यम से कराया जाता है।
  • जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पात्र खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत कर नियुक्ति दी जाती है।

खिलाड़ियों को सीधी भर्ती में 2% आरक्षण

खेल मंत्री ने बताया कि पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य की सीधी भर्तियों में आरक्षण का लाभ भी दिया जा रहा है:

  • अंतर्राष्ट्रीय/एशियन स्कूल चैम्पियनशिप और स्कूल नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं को सीधी भर्ती में 2 प्रतिशत आरक्षण देय है।
  • यह आरक्षण राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के क्षेत्राधिकार के बाहर के सभी पदों पर लागू होता है।

महाराणा प्रताप पुरस्कार: 5 लाख का नकद इनाम

राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष 5 खिलाड़ियों को महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार के तहत निम्नलिखित लाभ दिए जाते हैं:

  • 5 लाख रुपये की नकद राशि।
  • महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा।
  • ब्लेजर, टाई एवं प्रशस्ति पत्र। हालांकि, मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछले 5 वर्षों में राज्य के किसी भी खिलाड़ी को इस पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया है।
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