राजस्थान में एलपीजी हाहाकार: जयपुर में बंद होने की कगार पर ऑनलाइन फूड डिलीवरी, सरकार अलर्ट

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के कारण फूड इंडस्ट्री पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शहर के हजारों होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने चेतावनी दी है कि उनके पास गैस का स्टॉक अब पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे आज या कल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं। विशेष रूप से जगतपुरा और आसपास के क्षेत्रों में कई किचन बंद होने की कगार पर पहुँच चुके हैं। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि वे वर्तमान में कोयले और इंडक्शन जैसे वैकल्पिक माध्यमों से काम चलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारी मात्रा में ऑर्डर पूरा करने के लिए ये साधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।

इस संकट की मुख्य वजह वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी इजराइल-ईरान संघर्ष को माना जा रहा है, जिसने वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जो इस युद्ध के कारण बाधित हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एक आपातकालीन आदेश जारी कर घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है, जिससे कॉमर्शियल सप्लाई में भारी कटौती हुई है। इसी बीच, किल्लत का फायदा उठाकर सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस गंभीर स्थिति पर एक उच्च-स्तरीय बैठक की है और स्पष्ट किया है कि प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें और राशनिंग के जरिए आपूर्ति सुचारू करें। तेल कंपनियों ने रिफाइनरीज में उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और उम्मीद है कि अगले 3 से 5 दिनों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होना शुरू हो जाएगी।

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