जयपुर, राजस्थान के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों के कारण अब जल जीवन मिशन (JJM) के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि जो टेंडर पहले अत्यधिक ऊंची दरों पर अटके हुए थे, वे अब निर्धारित दरों (BSR) से भी कम पर जारी किए जा रहे हैं।
किशनगंज क्षेत्र में भ्रष्टाचार और देरी पर प्रहार
मंत्री चौधरी ने प्रश्नकाल के दौरान विधायक ललित मीना के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में JJM का कार्य 2021-22 में ही शुरू होना था। हालांकि, उस समय निर्धारित दर से लगभग 38 प्रतिशत ऊंची टेंडर दरों और ठेकेदारों की अनियमितताओं के कारण यह परियोजना लंबे समय तक लंबित रही।
उन्होंने वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अब इसी क्षेत्र के टेंडर निर्धारित दर से 15 प्रतिशत कम पर जारी किए गए हैं।
परवन-अकावद परियोजना से बुझेगी 1402 गांवों की प्यास
बैठक में ‘परवन-अकावद’ वृहद पेयजल परियोजना की प्रगति पर भी विस्तृत जानकारी दी गई:
- कुल बजट: इस परियोजना के लिए 3523.16 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
- लाभान्वित क्षेत्र: इसके माध्यम से किशनगंज के 368 गांवों सहित कोटा, बारां और झालावाड़ के कुल 1402 गांवों को घर-घर जल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
- समय सीमा: पैकेज संख्या-5 के लिए 5 दिसंबर 2025 को कार्यादेश जारी किया जा चुका है और इसे अगस्त 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सर्वे और डिजाइन का काम प्रगति पर है।
मंत्री ने विश्वास दिलाया कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से रुके हुए कार्यों को गति मिली है और आगामी दो वर्षों में इन परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा।
परियोजना का सारांश
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| परियोजना का नाम | परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना |
| कुल स्वीकृत राशि | 3523.16 करोड़ रुपये |
| टेंडर दर में सुधार | +38% (पुरानी दर) से घटकर -15% (नई दर) |
| पूर्ण होने की तिथि | अगस्त 2027 (निर्धारित) |
