राजस्थान ग्राम उत्थान शिविर: 2839 गिरदावर सर्किलों पर पशुपालकों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

जयपुर, राजस्थान सरकार द्वारा कल, 23 जनवरी (शुक्रवार) से प्रदेशभर में ‘ग्राम उत्थान शिविरों’ का भव्य आगाज़ होने जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग की योजनाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचाया जाएगा। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 2,839 गिरदावर सर्किलों में आयोजित होने वाले ये शिविर पशुपालकों के आर्थिक उत्थान में मील का पत्थर साबित होंगे।

शिविरों का शेड्यूल: दो चरणों में होगा आयोजन

बसंत पंचमी के शुभ अवसर से शुरू होने वाले ये शिविर कुल 10 दिनों तक चलेंगे:

  • प्रथम चरण: 23, 24, 25 और 31 जनवरी 2026
  • द्वितीय चरण: 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी 2026
  • समय: प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक।

पशुपालकों को मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं

इन शिविरों में पशुपालन विभाग द्वारा ‘ऑन-द-स्पॉट’ निम्नलिखित सेवाएं दी जाएंगी:

  1. मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा: पशुपालकों के दुधारू पशुओं का पंजीकरण किया जाएगा और मौके पर ही स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
  2. निःशुल्क चिकित्सा एवं टीकाकरण: संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण, कृमिनाशक दवा पिलाना और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा मिलेगी।
  3. प्रजनन तकनीक: पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान (AI) की सुविधा और फर्टिलिटी किट का वितरण किया जाएगा।
  4. डेयरी एवं सहकारिता: नई प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का पंजीकरण, सरस बूथ आवंटन और सहकारी ऋण के आवेदन लिए जाएंगे।

मत्स्य एवं गोपालन पर फोकस

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: मत्स्य विभाग द्वारा फार्म पौण्ड (खेत तलाई) में मछली पालन की जानकारी और अनुदान योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।
  • गौशाला विकास: गौशालाओं के विकास से जुड़ी योजनाओं और सहायता राशि के बारे में जानकारी दी जाएगी।

शासन सचिव की अपील

डॉ. समित शर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शिविरों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रदेश के पशुपालकों और ग्रामीणों से आह्वान किया है कि वे इन शिविरों में पहुँचकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएं और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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