जयपुर, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ‘विश्व हिन्दी दिवस’ (10 जनवरी) की पूर्व संध्या पर समस्त प्रदेशवासियों और विश्वभर में फैले हिन्दी प्रेमियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में हिन्दी को भारतीय अस्मिता और एकता का प्रतीक बताया।
“जन-जन की भाषा है हिन्दी”
राज्यपाल बागडे ने हिन्दी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हिन्दी महज संवाद का माध्यम या एक भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और संस्कारों की संवाहिका है। उन्होंने कहा कि यह ‘जन-जन की भाषा’ है जो विविधताओं से भरे भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करती है।
भावी पीढ़ी और तकनीक से जुड़ाव का आह्वान
राज्यपाल ने बदलते परिवेश में हिन्दी की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए दो प्रमुख आह्वान किए:
- पारिवारिक उपयोग: उन्होंने दुनिया के कोने-कोने में बसे हिन्दी भाषियों से अपील की कि वे अपने घर-परिवार और निजी व्यवहार में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
- तकनीकी सुदृढ़ीकरण: उन्होंने कहा कि हिन्दी को आधुनिक तकनीक (AI, डिजिटल मीडिया और सॉफ्टवेयर) के जरिए भावी पीढ़ी के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जाना चाहिए। हमें हिन्दी के वैश्विक प्रसार का सक्रिय संवाहक बनना होगा।
विश्व हिन्दी दिवस का महत्व
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व स्तर पर हिन्दी के प्रचार-प्रसार और जागरूकता के लिए ‘विश्व हिन्दी दिवस’ मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक मंच पर हिन्दी को एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है।
