नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रशासनिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर ‘सेवा तीर्थ’ (Seva Teerth) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 को भी राष्ट्र को समर्पित किया।
यहाँ इस बड़ी खबर की पूरी अपडेट है:
1. ‘सेवा तीर्थ’: शक्ति नहीं, सेवा का केंद्र

- नया एकीकरण: ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय एक ही छत के नीचे कार्य करेंगे। आजादी के बाद यह पहली बार है जब ये तीनों महत्वपूर्ण विभाग अलग-अलग जगहों के बजाय एक ही स्थान (Integrated Complex) पर होंगे।
- नाम का महत्व: सरकार ने इसे ‘साउथ ब्लॉक’ (औपनिवेशिक नाम) से बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया है, जो प्रशासन में “सत्ता से सेवा” (Authority to Service) की ओर बदलाव का प्रतीक है।
2. कर्तव्य भवन-1 और 2 में शिफ्ट होंगे मंत्रालय

पीएम मोदी ने जिन दो नए भवनों (कर्तव्य भवन-1 और 2) का उद्घाटन किया है, उनमें देश के कई प्रमुख मंत्रालय शिफ्ट होंगे। इनमें रक्षा, वित्त, गृह, कृषि और कानून मंत्रालय शामिल हैं, जो अब तक अलग-अलग भवनों (शास्त्री भवन, कृषि भवन आदि) में बिखरे हुए थे। इससे अंतर-मंत्रालयी (Inter-ministerial) समन्वय बेहतर होगा।
3. आज की तारीख (13 फरवरी) ही क्यों?

इस उद्घाटन के लिए 13 फरवरी की तारीख का विशेष ऐतिहासिक महत्व है। ठीक 95 साल पहले, 13 फरवरी 1931 को अंग्रेजों ने नई दिल्ली को भारत की राजधानी के रूप में उद्घाटित किया था। आज उसी तारीख पर औपनिवेशिक काल के ‘साउथ ब्लॉक’ को छोड़कर नए भारतीय भवन ‘सेवा तीर्थ’ में प्रवेश करना “गुलामी की मानसिकता” को पीछे छोड़ने का संदेश है।
4. हाई-टेक सुविधाएं और सुरक्षा
- ग्रीन बिल्डिंग: यह पूरा परिसर ‘4-स्टार GRIHA’ रेटिंग वाला है, जो पर्यावरण के अनुकूल है।
- सुरक्षा: इसमें स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, आधुनिक सर्विलांस और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response System) जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था है।
- डिजिटल ऑफिस: सभी कार्यालय पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।
पुराने साउथ ब्लॉक का क्या होगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएमओ और मंत्रालयों के शिफ्ट होने के बाद, ऐतिहासिक नार्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ (Yuge Yugeen Bharat National Museum) में तब्दील किया जाएगा, जो दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम होगा।
