जयपुर/प्रयागराज। राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में मुख्य आरोपी और पीएचईडी (PHED) ठेकेदार पीयूष जैन को बड़ी कानूनी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पीयूष जैन को जमानत दे दी है। यह मामला राजस्थान में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल करने से जुड़ा है, जिसकी जांच के तार उत्तर प्रदेश तक पहुंच गए थे।
चूंकि पीयूष जैन को सुप्रीम कोर्ट से ईडी (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन यूपी में दर्ज इस मुकदमे की वजह से वह जेल में थे। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
क्यों जाना पड़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट? (UP कनेक्शन)
यह पूरा मामला इरकॉन (IRCON) कंपनी के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों (Fake Experience Certificates) से जुड़ा है।
- फर्जीवाड़ा: पीयूष जैन और उनके पिता पदमचंद जैन (मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी) ने जेजेएम के 900 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल करने के लिए ‘इरकॉन’ कंपनी के नाम से फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र लगाए थे।
- यूपी में मुकदमा: जांच में सामने आया कि ये प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश से जुड़े थे या इनकी पुष्टि के लिए जांच यूपी तक पहुंची। इसी फर्जीवाड़े को लेकर उत्तर प्रदेश में भी मामला दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने अब उन्हें इस मामले में राहत दे दी है।
क्या है पूरा 900 करोड़ का घोटाला?
ईडी और एसीबी की जांच में सामने आया था कि पीयूष जैन इस पूरे घोटाले का ‘मास्टरमाइंड’ था:
- फर्जी सर्टिफिकेट: फर्म ‘श्री श्याम ट्यूबवेल’ और ‘गणपति ट्यूबवेल’ ने इरकॉन के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर पीएचईडी अधिकारियों की मिलीभगत से 900 करोड़ के टेंडर झटक लिए।
- चोरी का माल: जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पीयूष जैन ने हरियाणा से चोरी के पाइप खरीदे और उन्हें राजस्थान में नई पाइपलाइन बताकर बिछा दिया।
- रिश्वत का खेल: पीयूष जैन ही अधिकारियों को रिश्वत पहुंचाने और “काम मैनेज” करने का जिम्मा संभालता था। उसके मोबाइल चैट से कई बड़े अफसरों के नाम सामने आए थे।
पिता-पुत्र की जोड़ी और ईडी का शिकंजा
पीयूष जैन, पीएचईडी के दिग्गज ठेकेदार पदमचंद जैन का बेटा है। इस घोटाले में ईडी ने सबसे पहली गिरफ्तारी पीयूष जैन की ही की थी। बाप-बेटे की जोड़ी ने मिलकर विभाग में सिंडिकेट बना रखा था।
- सुप्रीम कोर्ट से पहले ही मिल चुकी है राहत: ईडी द्वारा दर्ज पीएमएलए (PMLA) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीयूष जैन को कुछ समय पहले जमानत दे दी थी। लेकिन यूपी वाले केस में वारंट होने के कारण उनकी रिहाई अटकी हुई थी।
अब आगे क्या?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को मिलते ही पीयूष जैन की रिहाई हो सकती है। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी भी घोटाले की तह तक जाने में जुटी हैं, लेकिन मुख्य आरोपी का बाहर आना अभियोजन पक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
