जलदाय विभाग के निजीकरण पर संग्राम: इंटक का निर्णायक ऐलान, 13 मार्च को जयपुर में होगा जल भवन का ऐतिहासिक घेराव

राजस्थान में जलदाय विभाग को निजी हाथों में सौंपने और ओएंडएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। विभाग की इस नीति को ‘कर्मचारी व जन विरोधी’ बताते हुए प्रान्तीय नल मजदूर यूनियन (इंटक) ने एक निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आगामी 13 मार्च को जयपुर स्थित जल भवन का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा और सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े स्तर पर उग्र विरोध प्रदर्शन होगा।

तिलक नगर कार्यालय में बनी बड़े आंदोलन की रणनीति

इस निर्णायक आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए तिलक नगर स्थित जिला कार्यालय पर एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक का नेतृत्व जलदाय इंटक के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंह शेखावत, कार्यकारी अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा, उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह शेखावत और जिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी ने किया। इस सभा में सैकड़ों की संख्या में जलदाय कर्मचारियों ने पूरी एकजुटता के साथ भाग लिया और एक सुर में निजीकरण का कड़ा विरोध करते हुए 13 मार्च के जल भवन घेराव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

पूंजीपतियों के हवाले करने का षड्यंत्र, जल बिकाऊ नहीं

यूनियन के नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह आम जनता के ‘जल अधिकारों’ की रक्षा का भी एक बहुत बड़ा संघर्ष है। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि सरकार वर्षों से खड़ी मजबूत सार्वजनिक व्यवस्था को पूंजीपतियों के हवाले करने का षड्यंत्र रच रही है। इंटक नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह निजीकरण जनता को महंगा और असुरक्षित पानी देने की एक बड़ी साजिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी को किसी के मुनाफे की वस्तु नहीं बनने दिया जाएगा।

अब समझौता नहीं, उग्र और निर्णायक होगा टकराव

इंटक यूनियन ने सरकार और विभाग के आला अधिकारियों को खुली चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण और ओएंडएम का यह फैसला तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र और व्यापक रूप लेगा। कर्मचारियों ने ‘अब चुप्पी नहीं, संघर्ष होगा’ और ‘अब समझौता नहीं, निर्णायक टकराव होगा’ के नारों के साथ श्रमिक एकता की ताकत दिखाने का खुला ऐलान कर दिया है। 13 मार्च को होने वाला जल भवन का यह घेराव सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक बहुत बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है।

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