जयपुर, राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व सभी बजट घोषणाओं को हर हाल में पूर्ण किया जाए। मंगलवार को शासन सचिवालय के ‘चिंतन सभागार’ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ धरातल पर आमजन तक पहुँचना अनिवार्य है।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
मंत्री गहलोत ने विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे पेंशन, पालनहार, छात्रवृत्ति, अंतरजातीय विवाह, नवजीवन, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग और दिव्यांग स्कूटी योजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।
- तय समयावधि में बजट का पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- कोई भी पात्र लाभार्थी बजट की कमी या प्रशासनिक देरी के कारण लाभ से वंचित न रहे।
पेंशन वितरण में ‘माइक्रो मैनेजमेंट’ के निर्देश
बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दुरुपयोग को रोकने के लिए मंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की मृत्यु के पश्चात उनका डेटा तुरंत अपडेट करने के लिए एक माइक्रो मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि अपात्र होने के साथ ही पेंशन को तत्काल रोका जा सके।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग
विभागीय निर्माण कार्यों पर चर्चा करते हुए गहलोत ने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी के लिए एक विशेष विभागीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से प्राप्त बजट आवंटन और उपयोगिता प्रमाण पत्रों (UC) की स्थिति की भी समीक्षा की।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा, निदेशक आशीष मोदी, नि:शक्तजन आयुक्त इकबाल खान सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
