जयपुर | राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी जांच और कार्रवाई की आंच तेज कर दी है। जयपुर स्थित एसीबी कोर्ट संख्या-1 ने इस महाघोटाले से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा कदम उठाते हुए सुबोध अग्रवाल सहित चार प्रमुख आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (Arrest Warrant) जारी कर दिए हैं। यह वारंट मुकदमा संख्या 245/24 के तहत जारी किए गए हैं, जिसके बाद से आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।
इन चार आरोपियों की तलाश तेज
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय द्वारा जिन चार आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं, उनमें सुबोध अग्रवाल, जीतेन्द्र शर्मा, संजीव गुप्ता और मुकेश गोयल शामिल हैं। न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए एसीबी की कई विशेष टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी हैं।

संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि इन चारों आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए उनके सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई को पुख्ता करने के लिए टीमों को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है, ताकि आरोपी किसी भी सूरत में बचकर न निकल सकें।
संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी
एसीबी ने इस मामले में अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट और सख्त कर दिया है। जांच एजेंसी की ओर से साफ कहा गया है कि यदि न्यायालय द्वारा जारी किए गए इन गिरफ्तारी वारंट की तामील समय पर नहीं हो पाती है और आरोपी फरार रहने में कामयाब होते हैं, तो आगे की सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत, आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क (Property Attachment) करने की कार्रवाई हेतु न्यायालय से विधिवत आदेश प्राप्त किए जाएंगे।
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान में हुए करोड़ों रुपये के इस घोटाले में जांच एजेंसियां लगातार शिकंजा कस रही हैं और यह गिरफ्तारी वारंट उसी कड़ी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
