इण्डिया स्टोनमार्ट 2026‘ समापन समारोह आयोजित: राज्यपाल बोले— पत्थर उद्योग की वैश्विक सफलता में राजस्थान का 70% योगदान

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘इण्डिया स्टोनमार्ट 2026’ का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे रहे। उन्होंने पत्थर उद्योग से जुड़े हितधारकों को संबोधित करते हुए सुरक्षित खनन के साथ-साथ पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Ecology) संतुलन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

पत्थर उत्पादन में राजस्थान का दबदबा राज्यपाल ने अपने संबोधन में बताया कि भारत के कुल पत्थर खनन और प्रसंस्करण में राजस्थान का अकेले 70 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश न केवल पत्थर उत्पादन में, बल्कि उनकी विविधता और वैश्विक निर्यात में भी देश का नेतृत्व कर रहा है। वर्तमान में राजस्थान में 81 प्रकार के पत्थरों का खनन हो रहा है, जिनमें से 57 का व्यावसायिक रूप से दोहन किया जा रहा है। संगमरमर (Marble), ग्रेनाइट और बलुआ पत्थर (Sandstone) के क्षेत्र में राजस्थान की चमक पूरी दुनिया में है।

नैतिक जिम्मेदारी: राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि खनन क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों का कल्याण केवल नीति का हिस्सा नहीं, बल्कि एक परिपक्व उद्योग की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

  • वैश्विक भागीदारी: इस 13वें संस्करण में ईरान, तुर्की, इटली और चीन सहित 66 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया, जो राजस्थान के स्टोन मार्केट की वैश्विक साख को दर्शाता है।
  • भविष्य की संभावना: राज्यपाल ने ‘इण्डिया स्टोनमार्ट 2026’ को शिल्प निर्माण, उद्यमिता और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं के द्वार खोलने वाला मंच बताया।
  • ऐतिहासिक महत्व: उन्होंने हमारे प्राचीन दुर्गों, किलों और मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि पत्थरों ने हमारी सामूहिक स्मृति और भारतीय संस्कृति के स्थायित्व को सदा जीवंत रखा है।

राज्यपाल ने आयोजन स्थल पर लगी विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया और कलाकारों द्वारा पत्थर पर उकेरी गई शिल्प कला की सराहना की। इस अवसर पर रीको (RIICO), सीडोस (CDOS) और लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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