जयपुर, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने देश के सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद और चिंतक माधव गाडगिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने गाडगिल के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को पर्यावरण जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।
“एक युग का हुआ अवसान”
राज्यपाल बागडे ने अपने शोक संदेश में कहा कि पश्चिमी घाट (Western Ghats) के जैव विविधता संरक्षण में श्री माधव गाडगिल का योगदान अप्रतिम रहा है। उन्होंने कहा, “गाडगिल जी का निधन एक युग का अवसान है। वे सच्चे अर्थों में धरती पुत्र थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन प्रकृति और पारिस्थितिकी संतुलन को समर्पित कर दिया।”
सतत विकास और पर्यावरण नीति के मनीषी
राज्यपाल ने गाडगिल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास पर महती कार्य किया, बल्कि देश की पर्यावरण नीतियों को भी एक नई दिशा दी। उनका चिंतन भारतीय प्रकृति संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। बागडे ने उन्हें एक ऐसा मनीषी बताया जिनका बिछोह पूरे देश के लिए असहनीय है।
पुण्यात्मा की शांति की कामना
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही, उन्होंने शोक संतप्त परिजनों, उनके प्रशंसकों और समर्थकों को इस गहरे दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
