जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस बार रंगों का पर्व ‘धुलंडी’ एक वैश्विक उत्सव में बदल गया। चंद्र ग्रहण के प्रभाव के चलते प्रदेश में 3 और 4 मार्च को दो दिनों तक होली का उल्लास देखने को मिला। इसी कड़ी में राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा ऐतिहासिक खासा कोठी होटल में आयोजित ‘होली फेस्टिवल 2026’ में दुनिया भर के सैलानियों का जमावड़ा लगा, जहाँ विदेशी मेहमान पूरी तरह मरुधरा की संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए।
25 से 30 देशों के मेहमान, 4000 का आंकड़ा
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि इस वर्ष होली उत्सव में ईरान सहित करीब 25 से 30 देशों के लगभग 3500 से 4000 पर्यटक शामिल हुए। विभाग की ओर से मेहमानों के लिए प्राकृतिक गुलाल और विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। विदेशी पर्यटकों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर ‘हैप्पी होली’ की बधाई दी और भारतीय परंपराओं के प्रति अपना गहरा लगाव जाहिर किया।

कालबेलिया और कच्ची घोड़ी नृत्य पर थिरके सात समंदर पार के मेहमान
उत्सव में राजस्थानी लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विदेशी सैलानी कालबेलिया, मयूर नृत्य, कच्ची घोड़ी और लंगा मांगणियार कलाकारों की धुनों पर खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। राजस्थानी लोकगीतों के साथ-साथ डीजे पर बजते फिल्मी गानों ने उत्सव के उत्साह को दोगुना कर दिया।
पारंपरिक व्यंजनों का चखा स्वाद

होली के इस जश्न में खान-पान का भी विशेष ध्यान रखा गया। विदेशी मेहमानों ने राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों, जैसे दाल के पकौड़े और ठंडाई का जमकर लुत्फ उठाया। पर्यटकों ने जयपुर की आवभगत और यहाँ के सुरक्षित माहौल की जमकर सराहना की।
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, ऐसे आयोजनों का उद्देश्य राजस्थानी संस्कृति को विश्व पटल पर लाना है। उन्होंने बताया कि एक पर्यटक के आने से लगभग 13 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। होली के बाद अब विभाग आगामी गणगौर उत्सव की तैयारियों में जुट गया है, जहाँ फिर से पर्यटकों का बड़ा जमावड़ा होने की उम्मीद है।
सुरक्षा के रहे चाक-चौबंद इंतजाम
पर्यटकों, विशेषकर महिला सैलानियों की सुरक्षा को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह मुस्तैद रहा। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) राजीव पचार के नेतृत्व में चप्पे-चप्पे पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया ताकि हुड़दंगियों और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
