नई दिल्ली: देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार को अपना 141वां स्थापना दिवस (141st Foundation Day) पूरे उत्साह और संकल्प के साथ मनाया। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का ध्वजारोहण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर खरगे ने न केवल पार्टी के गौरवशाली इतिहास को याद किया, बल्कि वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए इसे “लोकतंत्र और संविधान के लिए संकट का दौर” करार दिया।
‘कांग्रेस एक विचार है, जो कभी मर नहीं सकता’ ध्वजारोहण के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचार और आंदोलन है, जिसने भारत की आजादी से लेकर उसके नवनिर्माण तक में केंद्रीय भूमिका निभाई है। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा ‘भारत के विचार’ (Idea of India) की नींव है, जो विविधता में एकता, धर्मनिरपेक्षता और समावेशी विकास पर आधारित है।
केंद्र सरकार पर सीधा वार: ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ अपने संबोधन के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं।
- संवैधानिक संस्थाओं पर हमला: खरगे ने कहा कि संसद से लेकर न्यायपालिका और चुनाव आयोग तक, हर लोकतांत्रिक संस्था को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और सांसदों को निलंबित कर संसद को रबर स्टैंप बनाया जा रहा है।
- बेरोजगारी और महंगाई: उन्होंने कहा कि सरकार के पास युवाओं की बेरोजगारी और कमर तोड़ महंगाई का कोई जवाब नहीं है। सारा ध्यान केवल भावनात्मक मुद्दों के जरिए समाज को बांटने पर केंद्रित है।
- विभाजनकारी राजनीति: खरगे ने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ‘नफरत का बाजार’ सजा रही है, जबकि कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ खोल रही है।
कार्यकर्ताओं को नया संकल्प: ‘दूसरी आजादी की लड़ाई’ खरगे ने देश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे मौजूदा दौर को “दूसरी आजादी की लड़ाई” के रूप में देखें। उन्होंने कहा, “आज लड़ाई अंग्रेजों से नहीं, बल्कि उस विचारधारा से है जो देश के संविधान और सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करना चाहती है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक जाकर जनता से जुड़ने और भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर करने का मंत्र दिया।
सोनिया और राहुल गांधी की मौजूदगी इस अवसर पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और देश की लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। देश भर के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालयों में भी स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।
