जयपुर, गुलाबी नगरी में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पारंपरिक उल्लास और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर के ऐतिहासिक जलमहल की पाल पर आयोजित ‘पतंग उत्सव’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खुद पतंग उड़ाकर प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं और आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के बीच उत्सव का आनंद लिया।
ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर विशेष प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने उत्सव के दौरान लगाई गई भव्य पतंग प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस वर्ष प्रदर्शनी की मुख्य थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रही, जो आकर्षण का केंद्र बनी रही। मुख्यमंत्री ने विभिन्न आकृतियों और संदेशों वाली पतंगों की सराहना की और कलाकारों के हुनर को सराहा।
इस बार संभाग स्तर पर भी आयोजन
उत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पतंगबाजी राजस्थान की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इस वर्ष सरकार ने पतंग उत्सव के दायरे को बढ़ाते हुए इसे केवल राजधानी तक सीमित न रखकर सभी संभाग स्तर पर आयोजित किया है। इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जैसलमेर और माउंट आबू में भी विशेष पतंग उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है।
पर्यटकों और लोक संस्कृति का संगम
जलमहल की पाल पर आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि भारी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए। राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। रंग-बिरंगी पतंगों से सजे आसमान और पारंपरिक संगीत के बीच पर्यटकों ने राजस्थान की मेहमाननवाजी का अनुभव किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए सभी से सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील भी की।
