CBSE बोर्ड परीक्षा और होलिका दहन एक ही दिन: राजस्थान के 10 लाख छात्र संकट में, परीक्षा टालने की उठी मांग

जयपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के शेड्यूल ने राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। विवाद की मुख्य जड़ 2 मार्च 2026 को होने वाली परीक्षा है, जो राजस्थान की स्थानीय गणना के अनुसार होलिका दहन के दिन पड़ रही है।

विवाद का कारण: केंद्र बनाम राज्य का कैलेंडर

राजस्थान में पंचांग और स्थानीय परंपराओं के अनुसार, 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को धुलंडी (होली) का पर्व मनाया जाएगा। इसके विपरीत, केंद्र सरकार और सीबीएसई के आधिकारिक कैलेंडर में होली की छुट्टियां 3 और 4 मार्च को निर्धारित की गई हैं। इसी विसंगति के कारण बोर्ड ने 2 मार्च को मुख्य विषयों की परीक्षाएं रखी हैं:

  • 10वीं कक्षा: इस दिन ‘हिंदी’ (Course A/B) जैसे महत्वपूर्ण विषय का पेपर है।
  • 12वीं कक्षा: इस दिन ‘सस्कृत’ और कई क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षाएं निर्धारित हैं।

अभिभावकों और शिक्षकों की प्रमुख चिंताएं

अभिभावक संगठनों और शिक्षक संघों का तर्क है कि राजस्थान में होलिका दहन का सामाजिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। उनकी मुख्य चिंताएं निम्नलिखित हैं:

  1. परिवहन की समस्या: त्यौहार के कारण सड़कों और सार्वजनिक परिवहन में भारी भीड़ रहती है, जिससे छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचने में परेशानी हो सकती है।
  2. एकाग्रता का अभाव: होलिका दहन की तैयारियों और आसपास होने वाले शोर-शराबे के बीच छात्र मानसिक रूप से परीक्षा के लिए एकाग्र नहीं हो पाएंगे।
  3. शिक्षकों पर दोहरा दबाव: परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों को पर्व के दिन भी ड्यूटी देनी होगी, जिससे वे पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं से वंचित रहेंगे।

CBSE ने कुछ परीक्षाएं बदलीं, पर 2 मार्च पर सस्पेंस

सीबीएसई ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर 3 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को रीशेड्यूल किया है:

  • 10वीं की 3 मार्च की परीक्षा अब 11 मार्च को होगी।
  • 12वीं की 3 मार्च की परीक्षा अब 10 अप्रैल को होगी। हालांकि, 2 मार्च की परीक्षा को लेकर बोर्ड ने अभी तक कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे राजस्थान के करीब 10 लाख छात्रों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

शिक्षक संघ और अभिभावकों की मांग

राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ और संयुक्त अभिभावक संघ ने सीबीएसई को पत्र लिखकर मांग की है कि राजस्थान की सांस्कृतिक संवेदनशीलता को देखते हुए 2 मार्च की परीक्षा की तारीख बदली जाए। मांग की गई है कि छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जल्द से जल्द संशोधित टाइम-टेबल जारी किया जाए।

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