जयपुर, जयपुर में 8 से 15 जनवरी तक आयोजित होने वाले सेना दिवस परेड-2026 समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए राजस्थान सरकार और भारतीय सेना ने कमर कस ली है। शनिवार को सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) भास्कर ए. सावंत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन को ‘जन-भागीदारी’ के साथ भव्य रूप देने पर चर्चा हुई।
देश के इतिहास में पहली अनूठी पहल
प्रमुख शासन सचिव (सामान्य प्रशासन) नवीन जैन ने बताया कि भारतीय सैन्य इतिहास में यह पहला अवसर है जब सेना दिवस परेड किसी छावनी (Cantt) क्षेत्र से बाहर निकलकर आम जनता के बीच आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन है कि आम नागरिक, विशेषकर युवा, भारतीय सेना के शौर्य और अनुशासन को करीब से देख सकें।
9 जनवरी: महिलाओं और बालिकाओं के नाम
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, 9 जनवरी को होने वाली परेड रिहर्सल पूरी तरह ‘मातृशक्ति’ को समर्पित की गई है। इस दिन अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को परेड देखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे भारतीय सेना के गौरव का हिस्सा बन सकें।
विद्यार्थियों और युवाओं पर विशेष फोकस
बैठक में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को बड़ी संख्या में आमंत्रित करने पर जोर दिया गया है।
- पंजीकरण: जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया है कि वे सोमवार तक अपने प्रतिभागियों की सूची उपलब्ध करा दें।
- यातायात एवं सुरक्षा: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त योगेश दाधीच ने रूट डायवर्जन, पार्किंग और सुरक्षा के कड़े इंतजामों की जानकारी दी।
तैयारियां और व्यवस्थाएं
परेड के दौरान दर्शकों के लिए निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं:
- प्रवेश एवं निकास के सुव्यवस्थित मार्ग।
- चिकित्सा सुविधाएं और एम्बुलेंस की तैनाती।
- मोबाइल टॉयलेट्स, पेयजल और सुचारू यातायात प्रबंधन।
- सेना के अनुशासन और सुरक्षा मानकों की पूर्व जानकारी।
बैठक में जयपुर सहित अलवर, अजमेर, सीकर और झुंझुनूं जैसे पड़ोसी जिलों के अधिकारियों ने भी भाग लिया, क्योंकि इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं के आने की संभावना है।
