जयपुर में ट्रैफिक जाम का नासूर: शहर में 84 ‘जाम पॉइंट’ चिह्नित; पार्किंग की जगह दुकान चलाने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा

जयपुर: जयपुर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या अब एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़कों और बाजारों में स्थित रेस्टोरेंट, मॉल, मैरिज गार्डन और स्कूलों के पास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण वाहन सड़कों पर ही खड़े हो रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के ताज़ा सर्वे में शहर के चारों ज़ोन में ऐसे 84 ‘जाम पॉइंट’ सामने आए हैं, जहाँ अवैध पार्किंग न केवल यातायात को बाधित कर रही है, बल्कि ध्वनि प्रदूषण का भी बड़ा कारण बन रही है।

ज़ोन के अनुसार जाम की स्थिति

ट्रैफिक पुलिस ने शहर को चार मुख्य ज़ोन में बांटकर जाम के हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं:

  • पश्चिम ज़ोन (27 पॉइंट): यहाँ बनीपार्क, वैशाली नगर, झोटवाड़ा और खातीपुरा जैसे इलाकों में ढाबे, अस्पताल और मैरिज गार्डन के बाहर सड़कों पर खड़े वाहन मुख्य समस्या हैं।
  • पूर्व ज़ोन (26 पॉइंट): टोंक रोड, जेएलएन मार्ग और सांगानेर में भोजनालयों और बड़े स्कूलों के बाहर पार्किंग व्यवस्था न होने से यातायात बिगड़ रहा है।
  • दक्षिण ज़ोन (23 पॉइंट): एमआई रोड, अजमेर रोड और मानसरोवर में मॉल्स, स्कूलों और होटलों के सामने अवैध पार्किंग देखी गई है।
  • उत्तर ज़ोन (08 पॉइंट): चारदीवारी क्षेत्र के रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल्स के बाहर लोग सड़क पर वाहन खड़े करके खान-पान करते हैं, जिससे जाम लगता है।

DCP ट्रैफिक की कड़ी चेतावनी

डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरडा के अनुसार, जिन संस्थानों ने स्वीकृत पार्किंग की जगह दुकानें या रेस्टोरेंट खोल रखे हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि 7 दिनों के भीतर पार्किंग स्थल खाली नहीं किया गया, तो संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही, सड़क पर अवैध पार्किंग करने वालों पर जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।

समाधान के लिए प्रमुख सुझाव

ट्रैफिक पुलिस ने जेडीए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (TCB) की बैठक के लिए कुछ प्रस्ताव भेजे हैं:

  1. प्रमुख मार्गों पर ‘नो पार्किंग’ ज़ोन का सख्ती से पालन हो।
  2. व्यस्त बाजारों में PPP मॉडल पर मल्टीलेवल पार्किंग विकसित की जाए।
  3. मैरिज गार्डनों के लिए स्वयं की पार्किंग सुनिश्चित करना अनिवार्य हो।
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