जयपुर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को राजधानी के लालकोठी स्थित पेंशन विभाग में बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है। एसीबी की टीम ने सहायक लेखाधिकारी (AAO-II) राजेश कुमार खण्डेलवाल को एक मृत कर्मचारी की विधवा से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी मानवता को ताक पर रखकर विधवा को उसकी जायज पेंशन और बकाया एरियर दिलाने के बदले कमीशन की मांग कर रहा था।
19 जनवरी से चल रहा था ‘रिश्वत का खेल’
एसीबी को दी गई शिकायत के अनुसार, परिवादी की माता (विधवा) की पेंशन फाइल विभाग में काफी समय से लंबित थी। आरोपी राजेश खण्डेलवाल ने फाइल पास करने के बदले:
- नकद रिश्वत: 10,000 रुपये की तुरंत मांग की।
- एरियर पर कमीशन: कुल बकाया एरियर राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा अलग से मांगा था। परिवादी ने इसकी सूचना 19 जनवरी को एसीबी को दी, जिसके बाद विभाग ने गोपनीय तरीके से जाल बिछाया।
एसीबी की घेराबंदी और गिरफ्तारी
एसीबी जयपुर रेंज के डीआईजी आनंद शर्मा और एएसपी ज्ञानप्रकाश नवल के नेतृत्व में सोमवार दोपहर को ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही परिवादी ने आरोपी को 10 हजार रुपये सौंपे, टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी की पेंट की जेब से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज
एसीबी के आईजी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य घोटालों का पता लगाया जा सके।
