जयपुर, राजस्थान सरकार वन्य जीवों के संरक्षण और आबादी क्षेत्रों में उनके प्रवेश से होने वाले खतरों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में घोषणा की कि प्रदेश में वन्य जीवों के मूवमेंट की त्वरित सूचना देने के लिए जल्द ही विशेष हेल्पलाइन नंबर 1926 शुरू किया जाएगा।
‘1926’ हेल्पलाइन: तुरंत मिलेगी मदद
प्रश्नकाल के दौरान विधायक काली चरण सराफ द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि वर्तमान में वन्य जीवों के आबादी में आने पर लोग पुलिस या 100 नंबर पर सूचना देते हैं। लेकिन नया हेल्पलाइन नंबर सीधे वन विभाग से जुड़ा होगा, जिससे:
- सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी।
- आमजन और वन्य जीवों के बीच होने वाले टकराव (Human-Wildlife Conflict) को समय रहते टाला जा सकेगा।
- वन्य जीवों और नागरिकों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
महाराष्ट्र की तर्ज पर बनेगी ‘SOP’
मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि वन्य जीवों के आबादी क्षेत्र में प्रवेश करने जैसी विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रही है।
- अध्ययन: इसके लिए महाराष्ट्र सहित उन राज्यों के मॉडल का परीक्षण किया जा रहा है जहाँ वन्य जीव और मानव टकराव की समस्या अधिक है।
- समय सीमा: इस वित्तीय वर्ष के अंत तक एसओपी बनाकर पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी।
जयपुर में लेपर्ड मूवमेंट पर चिंता
विधायक काली चरण सराफ ने जयपुर शहर के रिहायशी इलाकों में बार-बार दिखने वाले लेपर्ड (तेंदुए) के मूवमेंट का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में मंत्री ने स्वीकार किया कि पिंक सिटी के आबादी क्षेत्रों में लेपर्ड का आना एक गंभीर विषय है। उन्होंने विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और सुरक्षा उपायों का पूरा विवरण सदन के पटल पर रखा।
सरकार का लक्ष्य तकनीकी और त्वरित संचार के माध्यम से जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करना है।
