जयपुर, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में “द्वितीय ताइक्वांडो फेडरेशन कप-2026” के डेमो मैच का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और ताइक्वांडो को अनुशासन व आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धमक
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दक्षिण कोरिया की गलियों से निकला ताइक्वांडो आज एक वैश्विक मार्शल आर्ट का रूप ले चुका है और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों का मुख्य हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह से भारतीय खिलाड़ी इस खेल में रुचि ले रहे हैं, आने वाले समय में वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उम्दा प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे।
‘पहल करने वाला ही सफल होता है’
राज्यपाल ने खेल की बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा, “ताइक्वांडो शारीरिक चपलता और मानसिक सजगता का खेल है। इसमें जो खिलाड़ी सही समय पर पहल कर वार करता है, जीत उसी की होती है।” उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए कहा कि यह खेल आत्मरक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक है।
खेल भावना सर्वोपरि
बागडे ने खेल को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा:
“खेलों में हार-जीत गौण है, वास्तविक महत्व खेल भावना का है। जब खिलाड़ी खेल को पूरी ईमानदारी और खेल भावना के साथ खेलता है, तभी वह उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उजास लेकर आता है।”
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने रिंग में जाकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके डेमो मैच का अवलोकन किया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न प्रांतों से आए सर्वश्रेष्ठ मार्शल आर्टिस्ट हिस्सा ले रहे हैं।
