करौली, राजस्थान के करौली जिले में एक शिक्षिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और पद का दुरुपयोग करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि), करीरी (टोडाभीम) के प्रधानाचार्य राजकुमार मीना को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ 17 सीसीए (17 CCA) का आरोप पत्र जारी किया है।
क्या था मामला?
एक वरिष्ठ अध्यापिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रधानाचार्य उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और धमका रहे हैं। पीड़िता ने दुर्घटना की परिस्थितियों के कारण नियमानुसार ऑनलाइन चाइल्ड केयर लीव (CCL) के लिए आवेदन किया था, जिसे प्रधानाचार्य ने जानबूझकर स्वीकृत नहीं किया।
जांच समिति की रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक शिक्षा) ने तीन सदस्यीय स्वतंत्र जांच समिति गठित की थी। समिति की जांच में निम्नलिखित तथ्य सामने आए:
- नियमों का उल्लंघन: वैध अवकाश आवेदन के बावजूद प्रधानाचार्य ने छुट्टी मंजूर नहीं की।
- वेतन कटौती: अध्यापिका के वेतन में नियम विरुद्ध कटौती की गई।
- पोर्टल पर छेड़छाड़: शाला दर्पण पोर्टल पर अवकाश के स्थान पर गलत तरीके से ‘अनुपस्थिति’ दर्ज की गई।
- हठधर्मिता: उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रधानाचार्य ने अपना अड़ियल रवैया जारी रखा।
- दबाव बनाने का प्रयास: जांच दल के अनुसार, स्थानीय निवासी होने के नाते प्रधानाचार्य ने जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और टीम पर दबाव बनाने की भी कोशिश की।
चिकित्सा विभाग में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
करौली में महिलाओं और अधीनस्थों के मानसिक उत्पीड़न का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में एक दलित महिला चिकित्सक को प्रताड़ित करने का प्रकरण चर्चा में रहा था। उस मामले में राज्य सरकार ने तत्कालीन CMHO डॉ. दिनेश चंद्र मीणा को एपीओ (APO) और बाबू इमरान खान को निलंबित करते हुए दोनों के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए थे। वर्तमान में वह मामला हाईकोर्ट और राष्ट्रीय महिला आयोग के पास विचाराधीन है।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी | राजकुमार मीना (प्रधानाचार्य, राउमावि करीरी) |
| कार्रवाई | 17 CCA आरोप पत्र जारी (राजस्थान सिविल सेवा नियम) |
| आदेशकर्ता | जिला कलेक्टर, करौली (नीलाभ सक्सेना) |
| मुख्य आरोप | CCL अवकाश रोकना, वेतन काटना, मानसिक प्रताड़ना |
