खरीफ-2026 से रबी-2026-27 के लिए नई अधिसूचना जारी: सैटेलाइट और AI तकनीक से होगा नुकसान का आकलन, 25 फसलें अधिसूचित

जयपुर: राजस्थान में फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में पहली बार एक ऐसी नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीमा कंपनियों को किसानों को 7 दिन के भीतर फसल बीमा पॉलिसी उपलब्ध करानी होगी। इससे किसान समय रहते अपने बीमा की पुष्टि कर सकेंगे और किसी भी त्रुटि या दावे से जुड़े विवाद की स्थिति में तत्काल सुधार करवा सकेंगे। कृषि विभाग ने खरीफ-2026 से रबी-2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर चयनित बीमा कंपनियों के साथ अनुबंध कर लिया है।

बैंकों के लिए कड़े नियम: गलती की तो बैंक चुकाएंगे क्लेम

नई व्यवस्था के तहत बैंकों पर भी सख्त शिकंजा कसा गया है। यदि कोई बैंक किसान के खाते से प्रीमियम राशि काट लेता है, लेकिन उसे राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर दर्ज करने में किसी प्रकार की गलती या लापरवाही करता है, तो किसान को होने वाले क्लेम का पूरा वित्तीय भुगतान संबंधित बैंक को अपनी जेब से करना पड़ेगा।

तकनीक से होगा नुकसान का आकलन

फसल नुकसान के आकलन में मानवीय गलतियों और पारदर्शिता की कमी को दूर करने के लिए विशेष तकनीकी प्रावधान किए गए हैं:

  1. यिल्ड एस्टिमेशन सिस्टम थ्रू टेक्नोलॉजी: इसके तहत 5,000 हेक्टेयर से अधिक बुवाई वाले क्षेत्रों में 50 फीसदी आकलन खेतों में जाकर व्यक्तिगत फसल कटाई प्रयोग के आधार पर होगा।
  2. वहीं, शेष 50 फीसदी आकलन सैटेलाइट, रिमोट सेंसिंग, मौसम डेटा और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मॉडलिंग से किया जाएगा। दोनों के 50-50% भार को मिलाकर अंतिम उपज तय होगी।

अधिसूचित फसलें और किसान प्रीमियम दरें

इस योजना के तहत कुल 25 फसलें अधिसूचित की गई हैं:

  • खरीफ (14 फसलें): बाजरा, ज्वार, मक्का, मूंग, मोठ, ग्वार, चंवला, उड़द, अरहर, सोयाबीन, तिल, धान, कपास और मूंगफली।
  • रबी (11 फसलें): गेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, धनिया, ईसबगोल, मेथी, रबी-मक्का और मसूर।
  • प्रीमियम दरें: खरीफ फसलों के लिए बीमित राशि का अधिकतम 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/उद्यानिकी फसलों के लिए 5% प्रीमियम तय किया गया है। शेष प्रीमियम अनुदान केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब भी 64% कृषि क्षेत्र फसल बीमा से बाहर

उधर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद राजस्थान का 64% कृषि क्षेत्र अब भी बीमा सुरक्षा से दूर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के कुल कृषि क्षेत्र का केवल 36% हिस्सा ही बीमित हो सका।

  • जिलावार स्थिति: सबसे अधिक कवरेज चूरू में 77% दर्ज की गई, जबकि धौलपुर में महज 5%, करौली में 7% और दौसा में 9% कवरेज रही।
  • बीमा दावा भुगतान: पिछले 5 वर्षों में सबसे अधिक बीमा क्लेम चूरू (2,459.63 करोड़), हनुमानगढ़ (2,253.59 करोड़) और जोधपुर (1,570.94 करोड़) के किसानों को मिला, जबकि राजसमंद (4.66 करोड़), धौलपुर (7.23 करोड़) और करौली (9.51 करोड़) इस मामले में सबसे पीछे रहे।

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