राजस्थान के प्रमुख तीर्थस्थलों का बदलेगा स्वरूप, खाटू श्यामजी, पुष्कर और रामदेवरा के विकास को मिलेगी रफ्तार

राजस्थान सरकार प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़े स्तर पर काम करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और वहां चल रही परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का फोकस प्रमुख मंदिरों और तीर्थस्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ उनकी धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने पर भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भव्य एवं सुंदर स्वरूप देकर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को विकास कार्यों में तेजी लाने और नई परियोजनाओं की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर और घाटों का होगा विकास

अजमेर जिले के पुष्कर को लेकर मुख्यमंत्री ने ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, सरोवर परिक्रमा मार्ग और विभिन्न घाटों के विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों को आगे बढ़ाने में अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण मिलकर काम करेंगे।

पुष्कर देश-दुनिया में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। ऐसे में यहां बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन ढांचे को बेहतर बनाने से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को अधिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

खाटू श्यामजी में सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था पर जोर

सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुगम आवागमन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है।

इसके लिए सड़क निर्माण को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि खाटू श्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों को आवाजाही में परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर क्षेत्र के विकास के साथ बेहतर यातायात व्यवस्था को भी योजना का अहम हिस्सा बनाया जाएगा।

रामदेवरा मेले से पहले पदयात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश

जैसलमेर जिले के रामदेवरा में आगामी मेले को देखते हुए सरकार ने तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। पदयात्रियों के मार्गों पर पानी, विश्राम स्थलों और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

रामदेवरा मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए पहुंचते हैं। ऐसे में पदयात्रियों के लिए रास्ते में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बेणेश्वर धाम और तनोट माता मंदिर के विकास पर भी फोकस

बैठक में बेणेश्वर धाम और तनोट माता मंदिर के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। बेणेश्वर धाम में मूर्ति, धर्मशाला, रसोईघर और घाटों के निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, तनोट माता मंदिर के प्रथम चरण के विकास कार्य को भी तत्काल शुरू करने के लिए कहा गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना और धार्मिक पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

डीग और पुंछरी का लौठा में मेले की तैयारियों पर जोर

डीग और पुंछरी का लौठा क्षेत्र में गुरु पूर्णिमा मेले को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को बिजली, पानी और विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ व्यवस्थाएं पूरी करने पर जोर दिया गया है।

प्रदेश के पैनोरमा का होगा संरक्षण, स्कूली बच्चों के भ्रमण की भी योजना

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशभर में बनाए गए पैनोरमा के संरक्षण और उचित रख-रखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैनोरमा राजस्थान की समृद्ध और गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूली विद्यार्थियों को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए पैनोरमा के शैक्षणिक भ्रमण की विशेष व्यवस्था की जाए। इससे विद्यार्थियों को राजस्थान के इतिहास और विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

समयसीमा में पूरे होंगे विकास कार्य, मुख्य सचिव करेंगे मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री ने सभी चल रही विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नई परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।

इन विकास कार्यों और बजट घोषणाओं की लगातार निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपी गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो और तय योजनाओं का लाभ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को समय पर मिल सके।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। संबंधित जिलों के कलेक्टर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

राज्य सरकार के इन निर्देशों से राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है। खाटू श्यामजी, पुष्कर और रामदेवरा जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं, यातायात, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिलने से आने वाले समय में इन क्षेत्रों का स्वरूप बदलने की संभावना है।


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