Expose Now Exclusive रिपोर्ट: धरा के गर्भ से चमकेगा राजस्थान, 82 खनिजों की अकूत दौलत से प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा माइनिंग हब!

-56 खनिजों का हो रहा रिकॉर्ड खनन, 25 प्रधान (Major) और 31 अप्रधान (Minor) खनिजों से राज्य के राजस्व और रोजगार में ऐतिहासिक उछाल

-बंद पड़े 26 खनिजों को भी जगाने की तैयारी, सोना (Gold), यूरेनियम, पोटाश और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) के लिए जारी हुए LOI व माइनिंग लीज

-खान एवं भू-विज्ञान विभाग की पारदर्शी नीलामी और अन्वेषण नीति से आर्थिक रूप से सशक्त होगा मरुधरा

जयपुर। राजस्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध इतिहास के साथ-साथ अपनी भूमिगत खनिज संपदा के लिए भी दुनिया भर में पहचाना जाता है। राज्य के खान एवं भू-विज्ञान विभाग की आधिकारिक और प्रामाणिक रिपोर्ट से प्रदेश की आर्थिक प्रगति को लेकर एक बेहद शानदार और सकारात्मक तस्वीर उभर कर सामने आई है। भू-वैज्ञानिकों के निरंतर अन्वेषण और शोध के आधार पर राजस्थान में अब तक कुल 82 प्रकार के प्राकृतिक खनिजों (Minerals) की मौजूदगी प्रमाणित हो चुकी है। यह विशाल आंकड़ा इस बात का स्पष्ट सबूत है कि राजस्थान प्राकृतिक संसाधनों के मामले में देश के सबसे धनी राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। जमीन के अंदर मौजूद खनिजों की यह विविधता न केवल राजस्थान को भारत के खनिज मानचित्र (Mineral Map) पर शीर्ष स्थान दिलाती है, बल्कि आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के सबसे बड़े और आधुनिक ‘माइनिंग हब’ के रूप में विकसित करने का ठोस आधार भी तैयार करती है।

खनिज वर्गीकरण एवं खनन की स्थिति टेबल:-

खनिज की श्रेणी कुल खोजे गए खनन जारी खनन नहीं हो रहा

प्रधान खनिज (Major Minerals) 44 25 19

अप्रधान खनिज (Minor Minerals) 38 31 07

कुल योग (Total) 82 56 26

कौन-कौन से खनिजों का हो रहा है बंपर खनन?

प्रदेश में वर्तमान में जिन 56 खनिजों का खनन सफलतापूर्वक हो रहा है, वे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं:

-25 प्रधान खनिज (Major Minerals): कॉपर ओर (तांबा), लेड (शीशा), जिंक (जस्ता), सिल्वर (चांदी), कैडमियम, आयरन ओर (लोहा), मैंगनीज, लिग्नाइट, क्रूड ऑयल (पेट्रोलियम), नेचुरल गैस, रॉक फास्फेट, वोलास्टोनाइट, फेल्डस्पार, क्वार्ट्ज, अभ्रक (Mica), बेराइट्स, केनाइट, फ्लोराइट, गारनेट, मैग्नेसाइट, सिलेनाइट, सिलिसियस अर्थ, वर्मीक्यूलाइट, बेरिल तथा लाइमस्टोन (LD ग्रेड)।

-31 अप्रधान खनिज (Minor Minerals): प्रसिद्ध मार्बल, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन, सोपस्टोन, चाइना क्ले, बॉल क्ले, जिप्सम, केल्साइट, डोलोमाइट, मेसनरी स्टोन, बाजरा/कंकर, बेंटोनाइट, फुलर्स अर्थ, गिट्टी, स्लेट स्टोन, सर्पेन्टिनाइट आदि।

जिन 26 खनिजों का खनन नहीं हो रहा, उनके लिए सरकार का बड़ा मास्टर प्लान:-

राज्य में जिन 26 खनिजों (जैसे- सोना, यूरेनियम, पोटाश, रेयर अर्थ, बॉक्साइट, पन्ना, टंगस्टन आदि) का खनन वर्तमान में नहीं हो पा रहा है, उनके व्यावसायिक दोहन के लिए भी तेजी से कदम उठाए गए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन 26 खनिजों में से कई उच्च-मूल्य (High-Value) खनिजों के लिए माइनिंग लीज (ML) स्वीकृत किए जा चुके हैं अथवा कंपोजिट लाइसेंस (CL) व एक्सप्लोरेशन लाइसेंस (EL) हेतु मंशा पत्र (LOI) जारी कर दिए गए हैं:

सोना (Gold):- उदयपुर में बॉक्साइट/चायनाक्ले के साथ 1 लीज तथा भीलवाड़ा में जिंदल शॉ और झुंझुनूं में हिन्दुस्तान कॉपर के पास कुल 4 खनन पट्टे प्रभावी हैं। ब्यावर जिले में कॉपर व एसोसिएटेड गोल्ड के ‘शाहपुरा ब्लॉक’ की सफलतापूर्वक नीलामी कर LOI जारी किया गया है।

यूरेनियम ओर (Uranium):- सीकर जिले (रोहिल) में यूरेनियम एवं एसोसिएटेड मिनरल्स हेतु मैसर्स यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) के पक्ष में मंशा पत्र (LOI) जारी है।

पोटाश (Potash):- हनुमानगढ़ जिले के ‘झंडावाली-सतीपुरा’ (हिन्दुस्तान जिंक लि.) और ‘जॉर्कियान-सतीपुरा’ (ऑयल इंडिया लि.) ब्लॉक्स के लिए कंपोजिट लाइसेंस व LOI जारी हो चुके हैं।

रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE):- बालोतरा जिले के सिवाना तहसील (भाटीखेड़ा व साउथेस्ट गुगरोट) में टीम जियो रिसोर्सेज और पाहेल डायनेमिक्स को LOI जारी किए गए हैं। इसके अलावा बालोतरा-जोधपुर क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के लिए CMPDI को लाइसेंस स्वीकृत किया गया है।

पन्ना (Emerald) व एपीडोट:- अजमेर व कोटपूतली-बहरोड़ में पट्टे प्रभावी हैं तथा राजसमंद के ‘मोजावतों का गुढ़ा’ ब्लॉक हेतु LOI जारी किया जा चुका है।

खान विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में शेष खनिजों के भंडार वर्तमान में आर्थिक रूप से दोहन योग्य (Economically Viable) प्रमाणित नहीं होने के कारण खनन में नहीं हैं। भविष्य में जैसे ही अन्वेषण (Exploration) से इनके आर्थिक रूप से दोहन योग्य भंडार प्रमाणित होंगे, इनकी भी ई-नीलामी कर खनन शुरू कराया जाएगा।

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मरुधरा के स्वर्णिम भविष्य का नया सवेरा:-

राजस्थान अब केवल पत्थरों और पारंपरिक खनिजों का राज्य नहीं रहा, बल्कि यह देश की ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और सामरिक सुरक्षा (Strategic Security) को नई दिशा देने वाला नया औद्योगिक शक्ति केंद्र (Industrial Powerhouse) बनने की ओर अग्रसर है। 82 खनिजों की यह अपार संपदा, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया और यूरेनियम, गोल्ड, पोटाश व रेयर अर्थ जैसे अति-दुर्लभ खनिजों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की दूरगामी सोच यह साबित करती है कि मरुधरा के गर्भ में छिपा यह खजाना आने वाले समय में राज्य की प्रगति का नया इतिहास लिखेगा। राजस्थान का यह ऐतिहासिक माइनिंग बूम (Mining Boom) न केवल राज्य के खजाने को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक ‘ग्लोबल माइनिंग लीडर’ के रूप में स्थापित करने में सबसे मजबूत मील का पत्थर साबित होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now


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