नई दिल्ली/जयपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पर्यावरणीय मानकों का पालन न करने पर एक सख्त कदम उठाते हुए देश के तीन प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में खेल गतिविधियों के आयोजन पर अंतरिम रोक लगा दी है। इनमें जयपुर का सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम भी शामिल है।
यह आदेश एनजीटी (NGT) की प्रधान पीठ, नई दिल्ली द्वारा पारित किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. अफरोज़ अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) शामिल थे।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला क्रिकेट स्टेडियमों के रखरखाव में भूजल (Groundwater) के अंधाधुंध उपयोग, उपचारित सीवेज जल (STP Treated Water) के इस्तेमाल में लापरवाही, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और भूजल संरक्षण से जुड़े पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से संबंधित है।
अधिकरण (Tribunal) ने सुनवाई के दौरान पाया कि देश में बढ़ते जल संकट के बावजूद कुछ स्टेडियम पर्यावरण संरक्षण के नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
इन तीन स्टेडियमों पर लगा बैन
एनजीटी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और ट्रिब्यूनल द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने और अवसर प्रदान किए जाने के बावजूद, तीन स्टेडियमों ने आवश्यक जानकारी और अपनी अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत नहीं की। जिन स्टेडियमों पर कार्रवाई की गई है, वे निम्नलिखित हैं:
- सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS), जयपुर
- शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, रायपुर
- डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम, मुंबई
बिना अनुमति नहीं हो सकेगी कोई भी खेल गतिविधि
इन परिस्थितियों और नियमों की लगातार अनदेखी को देखते हुए, एनजीटी ने एक कड़ा अंतरिम आदेश पारित किया है। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक उपर्युक्त तीनों स्टेडियमों में अधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि का आयोजन नहीं किया जाएगा।
भूजल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर
एनजीटी ने अपने आदेश में देश के विभिन्न हिस्सों में गहराते जल संकट पर चिंता व्यक्त की। अधिकरण ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में भूजल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसलिए, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्टेडियमों के रखरखाव और मैदान की सिंचाई के लिए भूजल की जगह उपचारित एसटीपी (STP) जल का उपयोग हो, साथ ही वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की उचित व्यवस्था की जाए।
आगे क्या होगा?
अधिकरण ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) को निर्देश दिया है कि वह अब तक प्राप्त अनुपालन रिपोर्टों के आधार पर एक अद्यतन समेकित विवरण (Tabulated Chart) तैयार करे। इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त, 2026 को निर्धारित की गई है। तब तक इन तीनों स्टेडियमों को एनजीटी के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
