राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने समान पात्रता परीक्षा (CET) – 2026 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार प्रदेश के युवाओं के लिए आयोजित होने वाली इस पात्रता परीक्षा के नियमों और परीक्षा पैटर्न में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बोर्ड की नई रणनीति के तहत इस बार सीईटी में नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) को पूरी तरह लागू किया जाएगा।
इस परीक्षा को पास करने वाले युवाओं के लिए ही राज्य की लगभग 19 से 23 बड़ी भर्तियों का रास्ता खुलेगा। इनमें पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ लेखाकार, एलडीसी, प्लाटून कमांडर, छात्रावास अधीक्षक और पुलिस कॉन्स्टेबल जैसी महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं।
लाखों अभ्यर्थियों को राहत: वैधता अब 3 साल
अब तक सीईटी (CET) सर्टिफिकेट की वैधता सिर्फ 1 साल की होती थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है। बोर्ड के इस फैसले से प्रदेश के 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, परीक्षा में पात्रता हासिल करने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य रहेगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इसमें 5 प्रतिशत की विशेष छूट (यानी न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक) दी जाएगी।
CET 2026: आवेदन और परीक्षा का पूरा टाइमटेबल
| परीक्षा का स्तर | ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत | प्रस्तावित परीक्षा माह |
| CET स्नातक स्तर (Graduate Level) | जून 2026 (अवधि: लगभग 1 महीना) | नवंबर 2026 |
| CET सीनियर सेकंडरी स्तर (12th Level) | जुलाई 2026 | दिसंबर 2026 |
CET-2024 की वैधता खत्म होने से अटी पड़ी थीं भर्तियां
गौरतलब है कि CET-2024 की वैधता फरवरी 2026 में ही समाप्त हो चुकी है। इसके चलते स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता खत्म हो गई थी। पात्रता खत्म होने के बाद से ही नई सीईटी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में लगातार संशय और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह साफ कर दिया है।
वर्तमान में राजस्थान में कई बड़ी और महत्वपूर्ण भर्तियां केवल सीईटी पात्रता न होने के कारण अटकी हुई हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विभाग और पद शामिल हैं:
- पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी (VDO)
- एलडीसी (LDC) और महिला पर्यवेक्षक
- उपजेलर और छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-द्वितीय
- पुलिस कांस्टेबल
बोर्ड का मानना है कि CET-2026 का सफल आयोजन होने के बाद इन सभी रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं की रफ्तार में तेजी आएगी।
आखिर क्यों लागू की जा रही है निगेटिव मार्किंग?
“इस बार CET का स्तर पहले की तुलना में ज्यादा कठिन (Tough) रखा जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि परीक्षा के बाद लगभग 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही मुख्य भर्तियों के लिए पात्र घोषित हों। इसी छंटनी को प्रभावी बनाने के लिए इस बार निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।”
— आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB)
