जयपुर पुलिस की हाई-टेक पहल: पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ‘PinkGuard’ ऐप लॉन्च

जयपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलाबी नगरी (Pink City) जयपुर आने वाले देश-विदेश के करोड़ों पर्यटकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब जयपुर के आलीशान किलों, महलों और ऐतिहासिक धरोहरों को निहारना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी सैलानी खुद को बेहद सुरक्षित महसूस करेंगे। जयपुर पुलिस ने ‘टूरिस्ट फर्स्ट’ (Tourist First) की सोच के साथ एक अभिनव डिजिटल पहल करते हुए ‘PinkGuard’ ऐप और एआई (AI) आधारित ‘Crowd Guard’ प्रणाली को धरातल पर उतारा है। इस तकनीक-सक्षम शुरुआत से जयपुर को एक सुरक्षित और ‘टूरिस्ट-फ्रेंडली’ शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी।

बिना लॉग-इन के उंगलियों पर मिलेगी हर मदद

जयपुर पुलिस द्वारा विकसित किए गए ‘PinkGuard’ ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विदेशी या घरेलू पर्यटकों को इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी जटिल लॉग-इन प्रक्रिया या दस्तावेज साझा करने की जरूरत नहीं होगी। इसे मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप पर सीधे एक्सेस किया जा सकेगा।

ऐप की 5 प्रमुख विशेषताएं:

  • टूरिस्ट-केंद्रित नेविगेशन: ऐप में जयपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों की एक विशेष रूप से तैयार (Curated) सूची और उनकी सटीक भौगोलिक लोकेशन होगी, जिससे अनजान सैलानी रास्ता नहीं भटकेंगे।
  • पुलिस वेरिफाइड गाइड्स की सूची: अक्सर पर्यटकों को फर्जी या अनधिकृत गाइडों द्वारा ठगे जाने की शिकायत रहती है। अब इस ऐप में पुलिस द्वारा पूरी तरह सत्यापित (Verified) गाइड्स के नाम, उनकी भाषा और रेटिंग की पूरी जानकारी मौजूद रहेगी।
  • इमरजेंसी और मेडिकल सपोर्ट: आपातकालीन स्थिति में पैनिक होने के बजाय पर्यटक ऐप के जरिए नजदीकी पुलिस स्टेशन, सहायता बूथ और अस्पतालों के संपर्क नंबर व सीधे मैप रूट की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
  • बहुभाषी (Multi-language) सपोर्ट: विदेशी सैलानियों की भाषाई बाधा को दूर करने के लिए ऐप को कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय भाषाओं के सपोर्ट के साथ डिजाइन किया गया है।
  • पारदर्शी फीडबैक प्रणाली: पर्यटक सीधे ऐप पर गाइड या अन्य पर्यटन सेवाओं को लेकर अपनी रेटिंग दे सकेंगे। यदि कोई शिकायत दर्ज की जाती है, तो उसे सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ट्रैक करेंगे।

आमेर किले से शुरुआत, AI संभालेगा भीड़ का जिम्मा

डिजिटल ऐप के अलावा जयपुर पुलिस त्योहारों, वीकेंड्स और पर्यटन सीजन के दौरान होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ‘Crowd Guard’ प्रणाली भी लेकर आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के समन्वय से इस परियोजना को शुरुआती चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आमेर किला (Amer Fort) क्षेत्र में लागू किया गया है।

यह सिस्टम आधुनिक सीसीटीवी (CCTV) नेटवर्क के जरिए रियल-टाइम भीड़ की निगरानी करता है। इसमें लगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर संभावित भगदड़ या अत्यधिक दबाव जैसी स्थितियों का समय से पहले पूर्वानुमान लगा लेता है और पुलिस नियंत्रण कक्ष को ऑटोमैटिक अलर्ट भेज देता है, जिससे समय रहते अप्रिय घटनाओं को रोका जा सकेगा। आमेर किले में इसकी सफलता के बाद इसे हवामहल, सिटी पैलेस और अल्बर्ट हॉल जैसे स्थानों पर भी लागू किया जाएगा।

सालाना आते हैं 1.79 करोड़ से अधिक पर्यटक

आंकड़ों के मुताबिक, जयपुर में प्रतिवर्ष लगभग 1.73 करोड़ से अधिक घरेलू और 6.30 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक आते हैं। विशेष रूप से अक्टूबर से मार्च महीने के पीक सीजन के दौरान यहाँ पैर रखने की जगह नहीं होती। ऐसे में जयपुर पुलिस की यह दूरदर्शी तकनीक न केवल पर्यटकों का भरोसा बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर राजस्थान पर्यटन के ब्रांड को और अधिक मजबूत करेगी।

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