मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के “गांव चली सरकार” अभियान के दौरान सीकर जिले के जाजोद गांव में एक सुखद और हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। गुरुवार रात को आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान गांव की छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी सबसे बड़ी समस्या रखी थी। उन्होंने बताया कि गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान संकाय (Science Stream) नहीं होने के कारण उन्हें या तो कला वर्ग (Arts) से समझौता करना पड़ता है या फिर विज्ञान पढ़ने के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है। छात्राओं की इस पीड़ा को सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी समय शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें अब गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
हैरानी की बात यह रही कि मुख्यमंत्री का आश्वासन महज शब्दों तक सीमित नहीं रहा। शुक्रवार सुबह जब मुख्यमंत्री गांव की गलियों में पैदल भ्रमण कर रहे थे और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं का फीडबैक ले रहे थे, तभी स्कूल जा रही छात्राओं ने उन्हें एक बार फिर अपनी मांग याद दिलाई। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए छात्राओं को वह खुशखबरी दी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। सीएम ने बताया कि रात को ही राज्य सरकार द्वारा जाजोद स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब विद्यार्थी इसी सत्र से गणित (Maths) और जीव विज्ञान (Biology) विषयों में अपनी रुचि के अनुसार दाखिला लेकर इसी स्कूल में पढ़ाई कर सकते हैं।
मात्र 24 घंटे से भी कम समय में अपनी मांग पूरी होते देख छात्राओं और ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छात्राओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि सरकार इतनी संवेदनशीलता और तेजी से निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने अपने इस दौरे के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों से भी सीधा संवाद किया और सरकारी योजनाओं का धरातली फीडबैक लिया। जाजोद गांव में मुख्यमंत्री का यह रात्रि प्रवास और त्वरित निर्णय अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है, जो सीधे तौर पर ‘सुशासन’ का उदाहरण पेश करता है।
