दो साल से पुलिस को छका रहा ठग मयंक अग्रवाल चढ़ा हत्थे: जयपुर से उज्जैन, मुंबई और फिर चंडीगढ़; ऐसे दबोचा गया आरोपी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में दो साल पुराने एक बड़े जमीन घोटाले के आरोपी को मुरलीपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी मयंक अग्रवाल, जिसने 15 बीघा जमीन की फर्जी वसीयत तैयार कर उसे हड़पने की साजिश रची थी, चंडीगढ़ में अपनी पहचान छिपाकर ‘रैपिडो’ टैक्सी चला रहा था।

क्या था पूरा मामला?

मामला दिल्ली रोड स्थित सफेदा फार्म के पास की 15 बीघा कीमती जमीन से जुड़ा है। आरोपी मयंक अग्रवाल ने इस जमीन की एक फर्जी वसीयत तैयार की और उसके आधार पर एक व्यक्ति के नाम ‘गिफ्ट डीड’ भी करवा दी। जब वह इस जमीन को आगे बेचने की फिराक में था, तभी असली मालिक सज्जन अग्रवाल को इसकी भनक लग गई।

जुलाई 2024 से था फरार

पीड़ित सज्जन अग्रवाल ने जुलाई 2024 में जयपुर के मुरलीपुरा थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया। केस दर्ज होते ही आरोपी मयंक फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए उसने कई ठिकाने बदले:

  • सबसे पहले वह उज्जैन भागा, जहाँ उसने टैक्सी चलाई और एक CA के ऑफिस में काम किया।
  • इसके बाद वह मुंबई चला गया, जहाँ उसने अलग-अलग काम किए और एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में भी उसका नाम आया।
  • अंत में वह चंडीगढ़ पहुंच गया और रैपिडो टैक्सी चलाकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश करने लगा।

तकनीकी टीम ने ऐसे पकड़ा

थानाधिकारी वीरेंद्र कुरील ने बताया कि आरोपी मयंक अग्रवाल (30) मूल रूप से अलवर के बानसूर का रहने वाला है और जयपुर के खोरा बीसल में रहता था। पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही थी। अंततः तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस की मदद से उसकी सटीक लोकेशन चंडीगढ़ में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे धर दबोचा।

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