जयपुर के मालवीय नगर में पिछले दिनों एक गर्भवती महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाला आरोपी कोई सामान्य मनचला नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश का एक बेहद खतरनाक अपराधी निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी राहुल घुरैया उर्फ राज न केवल जयपुर में फरारी काट रहा था, बल्कि वह पाकिस्तान की एक वेबसाइट के जरिए AK-47 मंगवाने की योजना भी बना रहा था।
स्पा सेंटर की आड़ में आपराधिक नेटवर्क
राहुल घुरैया पिछले ढाई साल से जयपुर में पहचान छुपाकर रह रहा था। उसने सांगानेर और प्रतापनगर के स्थानीय बदमाशों के साथ मिलकर अपना मजबूत नेटवर्क बना लिया था। उसने यहाँ के बदमाशों को अवैध हथियार भी उपलब्ध करवाए। जयपुर प्रवास के दौरान वह किराए के मकान में रहा और स्पा सेंटर में काम करता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

छेड़छाड़ के वीडियो ने खोली पोल
मालवीय नगर सेक्टर 9 (जवाहर सर्कल थाना क्षेत्र) में इस आरोपी ने एक राहगीर गर्भवती महिला के साथ बदसलूकी की थी। शुरुआत में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई। पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच आरोपी ने मुरैना कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद जवाहर सर्कल पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लाई।
हथियारों का बड़ा जखीरा और पाकिस्तान कनेक्शन
पूछताछ में सामने आया कि राहुल सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो अपलोड करने का शौकीन है, जिसके कारण एमपी पुलिस उसके पीछे लगी थी। वह पाकिस्तान की एक वेबसाइट के संपर्क में था ताकि वहां से अत्याधुनिक हथियार (AK-47) मंगवा सके।

- पुलिस ने राहुल की निशानदेही पर प्रतापनगर के एक अपराधी से अवैध पिस्टल बरामद की है।
- आरोपी ने स्पा सेंटर संचालक बाबूलाल बराला को भी पिस्टल सप्लाई की थी, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला है।
- राहुल के साथी छोटा राज (एमपी निवासी) से भी प्रतापनगर में एक देसी कट्टा बरामद किया गया है।
पुलिस वेरिफिकेशन की भारी चूक इस मामले ने जयपुर पुलिस की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल को शरण देने के आरोप में निवाई (टोंक) निवासी शुभम अग्रवाल उर्फ सिद्धार्थ और पीपलू निवासी बाबूलाल बराला को गिरफ्तार किया गया है।
- ये दोनों जयपुर में स्पा सेंटर संचालित कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कभी इनका या इनके कर्मचारियों का वेरिफिकेशन नहीं किया।
- प्रॉपर्टी मालिकों ने भी नियमों की अनदेखी कर बिना सत्यापन के उन्हें जगह दी।
- रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी राहुल घुरैया के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जांच जारी: पुलिस अब उन सभी स्थानीय बदमाशों की कुंडली खंगाल रही है जो राहुल के संपर्क में थे और जिन्होंने उसे जयपुर में छिपने में मदद की थी।
